उच्च शिक्षा की डिजिटल लाइब्रेरी में ई-कंटेंट अपलोड करने वाले महाविद्यालयों में गोरखनाथ मंदिर के संरक्षकत्व में संचालित जंगल धूसड़ स्थित महाराणा प्रताप पीजी कॉलेज को महाविद्यालयों की श्रेणी में दूसरा स्थान मिला है। जबकि विश्वविद्यालयों की श्रेणी में दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय को तीसरा स्थान हासिल हुआ है। प्रदेश सरकार ने इन महाविद्यालय एवं विश्वविद्यालय को पुरस्कृत करने का एलान किया है। शासन ने इसकी सूची जारी कर दी।
डिजिटल लाइब्रेरी: ई-कंटेंट अपलोड करने में इस कॉलेज को मिला प्रदेश में दूसरा स्थान, गोरखपुर विश्वविद्यालय भी हुआ पीछे
ई-कंटेंट अपलोड करने में बीते 31 अक्तूबर 2020 के आधार पर विशेष सचिव योगेंद्र दत्त त्रिपाठी ने विवि और कॉलेजों के पुरस्कारों की सूची जारी की। राज्य विवि की कैटेगरी में तीन, राज्य व निजी विवि की कैटेगरी में तीन और महाविद्यालयों के कैटेगरी में सात नामों की सूची जारी हुई है।
महाविद्यालयों की कैटेगरी में गौतमबुद्ध नगर के चौधरी चरण सिंह विवि से संबद्ध कुमारी मायावती राजकीय महिला पीजी कॉलेज बादलपुर को पहला स्थान मिला है। इस कॉलेज से 909 ई-कंटेंट अपलोड हुए। दूसरे स्थान पर गोरखपुर विवि से संबद्ध जंगल धूसड़ स्थित महाराणा प्रताप पीजी कॉलेज रहा। इस कॉलेज से 876 ई-कंटेंट अपलोड हुए। तीसरे स्थान पर भदोही का केएन राजकीय कॉलेज है। यहां से 469 ई-कंटेंट अपलोड हुए।
गोविवि ने अपलोड किए 942 ई-कंटेंट
राज्य विवि की श्रेणी में गोरखपुर विवि को तीसरा स्थान मिला। यहां से 942 ई-कंटेंट अपलोड हुए थे। इस सूची में पहले स्थान पर 1739 ई-कंटेंट वाला मेरठ स्थित चौधरी चरण सिंह विवि और दूसरे स्थान पर 1418 ई-कंटेंट वाला वाराणसी स्थित काशी विद्यापीठ रहा।
जंगल धूसड़ एमपीपीजी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. प्रदीप राव ने कहा कि यूपी डिजिटल लाइब्रेरी में दूसरा स्थान मिलना कॉलेज के लिए बड़ी सफलता है। इन पुरस्कारों की घोषणा 31 अक्तूबर 2020 तक अपलोड हुए ई-कंटेंट के आधार पर की गई है। वर्तमान में कॉलेज सूबे में सर्वाधिक ई-कंटेंट अपलोड कर सूची में अव्वल है।