मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय का पांचवां दीक्षांत समारोह विश्वविद्यालय के बहुउद्देशीय हाल में प्रारंभ हुआ। कुलाधिपति व राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और जलपुरुष राजेंद्र सिंह समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। विशिष्ट अतिथि के तौर पर प्राविधिक शिक्षा राज्यमंत्री संदीप कुमार सिंह भी मौजूद थे। आगे की स्लाइड्स में देखें पल-पल की अपडेट...
एमएमएमयूटी में धूमधाम से मनाया गया पांचवा दीक्षांत समारोह, तस्वीरों में देखें पल-पल की अपडेट
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‘स्टेज पर गवर्नर से गिफ्ट लेने आए हैं’
मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के पांचवें दीक्षांत समारोह में विभिन्न स्कूलों के बच्चे आकर्षण का केंद्र रहे। राज्यपाल ने 30 बच्चों को मंच पर बुलाकर उन्हें उपहार दिए। उन्होंने बच्चों से संवाद भी किया। राज्यपाल ने सेंट जोसेफ स्कूल खोराबार के कक्षा तीन में पढ़ने वाले छात्र अक्षत कुमार बरनवाल से बात की। पूछा की तुम कहां आए हो, तो अक्षत ने जवाब दिया - स्टेज पर गवर्नर से गिफ्ट लेने। जवाब सुनकर राज्यपाल मुस्कुरा पड़ीं। इसके बाद अक्षत को दुलारते हुए सिर पर हाथ फेरा और मंच से नीचे भेजा। इसी तरह और भी बच्चों से वह संवाद करती, दुलारती व उपहार देती रहीं।
उन्होंने बच्चाें को उपहार में जूट के बैग दिए जिसमें सेब, केला, पेंसल बॉक्स, नोट बुक एवं कहानी की किताब थी। उपहार पाने के बाद बच्चे खुश दिखे। सबने कहा कि राज्यपाल से मिलने का मौका उत्साहित करने वाला रहा है। राज्यपाल ने उपहार दिया। बात भी की और दुलारा भी। पहले राज्यपाल के पास जाने से डर लग रहा था लेकिन मंच पर पहुंचते ही हिम्मत मिल गई।
प्रौद्योगिकी एवं चिकित्सा शिक्षा राज्यमंत्री संदीप कुमार सिंह ने कहा कि उच्च शिक्षा का उद्देश्य ज्ञान व रोजगार प्राप्त करना नहीं बल्कि दुनिया में अपना अमूल्य योगदान देना है। विद्यार्थी प्रौद्योगिकी को और विकसित करने में अपनी ऊर्जा लगाएं। आज पूरी दुनिया तकनीकी पर आधारित हो गई है। जो तकनीकी में उन्नत होगा, वही दुनिया पर राज करेगा।
एमएमएमयूटी के दीक्षांत समारोह में बतौर विशिष्ट अतिथि प्रौद्योगिकी एवं चिकित्सा शिक्षा राज्यमंत्री ने विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि विकसित भारत के सपनों को पूरा करना है या विश्व गुरु बनना है तो प्रौद्योगिकी क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ना होगा। यह जिम्मेदारी विद्यार्थियों के साथ गुरुजनों की भी है। मुझे पूर्ण विश्वास है कि आने वाले दिनों में कुलाधिपति और मुख्यमंत्री के निर्देशन में अपने तकनीकी कार्य से यह विश्वविद्यालय विश्वविख्यात बनेगा। उन्होंने कहा कि प्राचीन भारत की गुरु-शिष्य परंपरा दीक्षांत समारोह गुरुजनों एवं शिक्षकों के लिए महत्वपूर्ण होता है। छात्रों के लिए भावनात्मक समारोह में उपस्थित होकर उपाधि प्राप्त करने वाले छात्रों को उनके जीवन के लिए शुभकामनाएं देता हूं।
मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के पांचवें दीक्षांत समारोह के दौरान मालवीयंस ने पीली और नीली मालवीय पगड़ी में अद्भुत छटा बिखेरकर इस पल को और यादगार बनाया।