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जयंती विशेष: राजा डोम के यहां भोजन कर महंत अवैद्यनाथ ने तोड़ी थी परंपरा, कई संत करने लगे थे उल्टी

Fri, 28 May 2021 06:06 PM IST
vivek shukla टीपी शाही, गोरखपुर।
टीपी शाही, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Fri, 28 May 2021 06:06 PM IST
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Mahant Avedyanath Birth Anniversary speciel story with Dom Raja
सीएम योगी आदित्यनाथ के साथ महंत अवैद्यनाथ। (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला।

आज महंत अवैद्यनाथ की जयंती मनाई जा रही है। ऐसे में हम आपको उनकी एक खास कहानी बताने जा रहे हैं। यहां सन् 1977 की है, जब विधानसभा चुनाव जीतने के बाद गोरक्ष पीठाधीश्वर महंत अवैद्यनाथ ने राजनीति से संन्यास लेने की घोषणा कर दी थी। उन्होंने यह घोषणा इसलिए की क्योंकि दक्षिण भारत के मंदिरों में दलितों का प्रवेश वर्जित कर दिया गया था। मीनाक्षीपुरम मंदिर में दलितों के प्रवेश पर रोक लगने के विरोध में महंत अवैद्यनाथ दक्षिण भारत पहुंच गए। वहां के पुजारियों और महंतों से मुलाकात कर कहा कि हिंदुओं से भेदभाव ठीक नहीं है अगर हिंदू मंदिर नहीं आएगा तो संतो को कौन पूछेगा?



उन्होंने मीनाक्षीपुरम मंदिर में तबतक धरना दिया, जबतक संतों ने आश्वासन नहीं दिया कि मंदिर में किसी का प्रवेश वर्जित नहीं रहेगा। इसी बीच महंत अवैद्यनाथ काशी पहुंचे और डोम राजा से मुलाकात की। डोम राजा ने कहा कि हम तब मानेंगे जब संत आकर हमारे घर भोजन करेंगे। आगे की स्लाइड्स में पढ़ें पूरी कहानी...

 

Mahant Avedyanath Birth Anniversary speciel story with Dom Raja
महंत अवैद्यनाथ की फाइल फोटो। - फोटो : अमर उजाला।

गोरक्ष पीठाधीश्वर अवैद्यनाथ ने समय दिया और कहा कि इस दिन वह संतों के साथ उनके घर भोजन करने आएंगे लेकिन यह शर्त रहेगी कि भोजन डोम राजा के परिवार और रिश्तेदार के ही लोग बनाएंगे। निर्धारित समय पर पीठाधीश्वर काशी पहुंच गए, बहुत से संतो को उन्होंने निमंत्रण भी दिया हुआ था।

 

Mahant Avedyanath Birth Anniversary speciel story with Dom Raja
महंत अवैद्यनाथ की फाइल फोटो। - फोटो : अमर उजाला।

महंत अवैद्यनाथ के कहने पर सैकड़ों की संख्या में साधु संत तैयार तो गए। वहीं जब राजा डोम के यहां खाना खाने का वक्त आया तो कई संतों ने कहा कि उन्हें उल्टी-दस्त हो रहा है। ऐसे में महंत अवैद्यनाथ ने कहा कि वह सब समझ रहे हैं किसी को उल्टी नहीं हो रही है। बस लोग डोम राजा के यहां भोजन नहीं करना चाह रहे हैं।

 

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Mahant Avedyanath Birth Anniversary speciel story with Dom Raja
सीएम योगी आदित्यनाथ के साथ महंत अवैद्यनाथ। (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला।

गोरक्ष पीठाधीश्वर की नाराजगी के बाद सभी संत राजा के यहां खाना खाने के लिए तैयार हो गए। जब सभी संत भोजन कर लिए तब डोम राजा ने संतों को दक्षिणा देना शुरू किया। इस पर महंत अवैद्यनाथ कहा कि यदि वह दक्षिणा ले लेंगे तो मीडिया वाले इस बात को प्रचारित करेंगे कि साधु तो पैसे के लिए डोम के घर भोजन करने आए थे।


 

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Mahant Avedyanath Birth Anniversary speciel story with Dom Raja
बाबा गोरखनाथ। - फोटो : अमर उजाला।
जब सभी संत घर जाने लगे तो राजा डोम के घर की महिलाएं भावुक होकर रोने लगी। उन्होंने कहा कि 'आज मनु जाने है कि हमहू हिंदू हैं।' इसपर महंत अवैद्यनाथ ने कहा हिंदूओं में छुआछूत कहीं नहीं है, हम इसी अभियान पर निकले हैं। सब हिंदू हमारे भाई हैं, इस भाईचारे को मजबूत करना हर हिंदू का कर्तव्य है। बता दें कि गोरक्षपीठ में आज भी उसी परंपरा का निर्वहन कर रहा है, शायद यही वजह है कि मंदिर के मुख्य पुजारी कमलनाथ दलित समाज से आते हैं। इसके बावजूद भी वे गोरक्षपीठाधीश्वर हैं।
 
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