फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

गोरखपुर: अधिक इम्युनिटी से ऑटोइम्यून बीमारी का बढ़ा खतरा, अब डॉक्टर दे रहे हैं ये सलाह

Tue, 10 Aug 2021 07:30 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Tue, 10 Aug 2021 07:30 PM IST
विज्ञापन
Increased immunity increases the risk of autoimmune disease
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock

कोरोना संक्रमण के बीच इम्युनिटी (प्रतिरोधक क्षमता) बढ़ाने के लिए लोगों ने जो खानपान में बदलाव किया, उसका दुष्प्रभाव उनके शरीर पर अब देखने को मिल रहा है। शरीर में अधिक इम्युनिटी की वजह से ऑटोइम्यून का खतरा बढ़ गया है। ऐसे मरीजों की संख्या अचानक बढ़ गई है। जिला अस्पताल से लेकर बीआरडी मेडिकल कॉलेज और निजी अस्पतालों में ऐसे मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। विशेषज्ञ सलाह दे रहे हैं कि अगर ऑटोइम्यून बीमारी का खतरा बढ़ता है तो तत्काल चिकित्सक से संपर्क करें। वरना यह बीमारी एक साथ शरीर के कई अंगों को नुकसान पहुंचा सकती है।



जानकारी के मुताबिक  कोरोना की दूसरी लहर में लोग इम्युनिटी पर ज्यादा ध्यान देने लगे। इसका असर यह हुआ कि लोग गलत खान-पान का शिकार हो गए। इसकी वजह से ऐसे लोगों को अब नई मुसीबत झेलनी पड़ रही है। जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ राजेश कुमार ने बताया कि इस बीमारी में प्रतिरक्षा प्रणाली की गड़बड़ी के चलते ऑटो-एंटीबॉडी नाम की एक प्रोटीन बनने लगती है, जो स्वस्थ कोशिकाओं पर हमला कर शरीर के कई अंगों पर असर डालती है। इसमें दो तरह प्रभाव देखने को मिलते हैं।

 

Increased immunity increases the risk of autoimmune disease
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock

पहला किसी एक शरीर के अंग पर दुष्प्रभाव और दूसरा शरीर के किसी भी अंग पर किसी भी हद तक प्रभाव डालती है। ऐसे मरीजों की संख्या अचानक बढ़ गई है। ओपीडी में इस तरह के मरीज 10 से 15 मरीज आ रहे हैं। जबकि पहले इस तरह के मरीज नहीं मिलते थे। यह बेहद गंभीर है। इसकी वजह यह है कि लोग बिना जानकारी के ही इम्युनिटी बढ़ाने के चक्कर में अंसयमित खानपान का सेवन कर रहे हैं।

 

Increased immunity increases the risk of autoimmune disease
इम्युनिटी। - फोटो : iStock

अगर सही समय पर इस बीमारी की पहचान हो जाती है तो इसका इलाज संभव हैं। वरना मरीज को शरीर के कई अंगों का इलाज करना पड़ता है। बीआरडी मेडिकल कॉलेज के डॉ अमित मिश्रा ने बताया कि रुमेटाइड आर्थराइटिस के प्रतिदिन 10 से 12 मरीज इलाज के लिए आ रहे हैं। इसकी वजह इम्युनिटी का बढ़ना है। अगर इस पर ध्यान नहीं दिया गया तो इस बीमारी में चलना-फिरना मुश्किल हो जाएगा।
 

विज्ञापन
विज्ञापन
Increased immunity increases the risk of autoimmune disease
ऑटोइम्यून बीमारी - फोटो : Pixabay
शरीर में इन बीमारियों का खतरा  
ऑटोइम्यून बीमारी की वजह से शरीर में शुगर, मल्टीपल स्केलेरोसिस, रुमेटाइड आर्थराइटिस, स्क्लेरोडर्मा जैसी गंभीर बीमारी हो सकती है। इन बीमारियों में प्यास लगना, बार-बार पेशाब आना और वजन कम होना, शरीर के किसी हिस्से का सुन्न होना, लकवा और नजर कमजोर पड़ना, जोड़ों को प्रभावित करना, सूजन, जोड़ों की हड्डियों का टेढ़ा-मेढ़ा होना, आंख, फेफड़े और ह्दय से संबंधित रोग होना, त्वचा की समस्या, त्वचा मोटा होना, त्वचा के छाले और हड्डियों के जोड़ों में दर्द जैसे लक्षण शामिल हैं।

 
विज्ञापन
Increased immunity increases the risk of autoimmune disease
गोरखपुर जिला अस्पताल। - फोटो : अमर उजाला

संतुलित भोजन अपनाएं
डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि ऑटोइम्यून बीमारी के लक्षण हैं तो तत्काल डॉक्टर से संपर्क कर इलाज शुरू कराएं। इस बीमारी से छुटकारा पाने के लिए संतुलित आहार लेना बेहद जरूरी है। साथ ही शारीरिक गतिविधियां बढ़ाते हुए कसरत करें। ऐसा होने से इम्युनिटी बीमार नहीं कर पाएगी।

 

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed