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सोने की खरीदारी में बरतें सावधानी: चमक पर न जाएं...अपनी अक्ल भी लगाएं, बंधेल पर भी चढ़ी है सोने की परत

Wed, 13 Nov 2024 11:51 AM IST
रोहित सिंह अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर Published by: रोहित सिंह Updated Wed, 13 Nov 2024 11:51 AM IST
सार

हिंदी बाजार में बंधेल की दुकान पर नकली सोना बेचे जाने पर पुलिस ने कार्रवाई की थी। सूत्रों ने बताया कि ग्रामीण इलाकों के ग्राहकों में बंधेल और रोल्ड गोल्ड में फर्जी मार्का लगाकर उसे असली सोना बनाकर बेच देते हैं। ऐसे कुछ ही दुकानदार हैं, जो विश्वास के साथ खेलते हैं। इसका नुकसान दूसरे पंजीकृत तरीके से नियम कानून से व्यापार करने वाले सराफा व्यापारी भी उठाते हैं।

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In Gorakhpur, businessmen are selling artificial jewelery as gold jewelery by polishing it.
ज्वेलरी सोना - फोटो : freepik
सहालग शुरू होते ही सराफा बाजार के धंधेबाजों ने भी अपनी दुकानें सजा ली हैं। बंधेल या आर्टिफिशियल ज्वेलरी पर सोने की परत चढ़ाकर उसी को असली बताकर खपाने में जुट गए हैं। ऐसे में सराफा मंडल ने भी ग्राहकों से सावधान रहने की अपील की है। संगठन का कहना है कि जांच-परख के बाद ही आभूषणों की खरीदारी करें।


त्योहार के बाद सहालग मंगलवार से शुरू हो गया है। ऐसे में शादी वाले घरों में सोने-चांदी के आभूषणों की डिमांड बढ़ जाएगी। ग्रामीण और आस-पास के जिलों से लेकर शहर के कई इलाकों में बंधेल (आर्टिफिशियल) को असली सोना बताकर धंधेबाज जुट जाते हैं।
 
In Gorakhpur, businessmen are selling artificial jewelery as gold jewelery by polishing it.
ज्वेलरी सोना - फोटो : freepik
हिंदी बाजार में ऐसे ही एक दुकानदार को सराफा मंडल के पदाधिकारियों ने पकड़ा था। सूत्रों ने बताया कि ग्रामीण इलाकों के ग्राहकों में बंधेल और रोल्ड गोल्ड में फर्जी मार्का लगाकर उसे असली सोना बनाकर बेच देते हैं। ऐसे कुछ ही दुकानदार हैं, जो विश्वास के साथ खेलते हैं। इसका नुकसान दूसरे पंजीकृत तरीके से नियम कानून से व्यापार करने वाले सराफा व्यापारी भी उठाते हैं।

सराफा कारोबार करने वाले एक सूत्र ने बताया कि रोल्ड गोल्ड, सोने की एक परत को बेस मेटल की परत से जोड़कर बनाए जाते हैं। इसे गोल्ड फिल्ड या गोल्ड बॉन्डेड भी कहते हैं। इसका इस्तेमाल वैसे सस्ते आभूषणों को तैयार करने के लिए किया जाता है, लेकिन धंधेबाज इसे चमका कर शुद्ध सोने के भाव से बेच देते हैं।
 
In Gorakhpur, businessmen are selling artificial jewelery as gold jewelery by polishing it.
ज्वेलरी सोना - फोटो : freepik
रोल्ड गोल्ड बनाने के लिए सोने की एक पतली परत को पीतल, स्टील, तांबा, या अन्य धातुओं पर चढ़ाया जाता है। इसमें तांबा 90 प्रतिशत और एल्यूमीनियम 10 प्रतिशत तक होता है। इसके ऊपर सोने की पतली परत पहना दी जाती है। इसके बाद रोल्ड गोल्ड देखने में सोने जैसा लगता है। ऐसे में ग्राहकों को खरीदारी करते समय एचयूआईडी के मानकों को ध्यान रखना चाहिए।

सूत्रों ने बताया कि अच्छे सराफ भी इन आभूषणों को देखकर नहीं पहचान सकते हैं। दरअसल, सोने का सबसे शुद्ध रूप 24 कैरेट का होता है। यह बहुत मुलायम होता है। यही कारण है कि इससे गोल्ड ज्वेलरी नहीं बन सकती है। हिंदी बाजार के अध्यक्ष गणेश वर्मा ने बताया कि आमतौर पर आभूषणों को तैयार करने में 14 से 22 कैरेट सोने का इस्तेमाल होता है, जिसमें अधिकतम 91.6 प्रतिशत सोना होता है।
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In Gorakhpur, businessmen are selling artificial jewelery as gold jewelery by polishing it.
ज्वेलरी सोना - फोटो : freepik
इसके बाद आभूषण को मजबूती देने के लिए उसमें चांदी, तांबा और जिंक जैसी धातुओं को मिलाया जाता है। इसलिए सोना खरीदने से पहले हमेशा कैरेट की जांच करें।

सराफा सूत्रों की मानें तो कई धंधेबाज सोने पर नकली हॉलमार्क लगाकर भी आभूषण बेच रहे हैं। इसमें वे नकली हॉलमार्क चिह्न का प्रयोग करके 18 या 14 कैरेट के सोने को 22 कैरेट को फर्जी मुहर लगा दे रहे हैं और असली के दामों पर बेच देते हैं।

धंधेबाजों के चक्कर में व्यापारियों को नुकसान
शहर में सोने-चांदी के कई व्यापारिक प्रतिष्ठान हैं। इनमें कुछ चोरी-छिपे धंधेबाजी करते हैं। अवैध सोने के सहारे वे रातों-रात अमीर बन गए हैं। इनका नुकसान हिंदी बाजार या आस-पास के पंजीकृत व्यापारियों को उठाना पड़ता है। उनकी वजह से ग्राहक दुकान पर जाकर खरीदारी करने से परहेज करते हैं। ग्राहकों को चाहिए कि अगर फर्म के नाम से बिलिंग बाउचर पर दुकानदार आभूषण खरीद बेच रहे हैं या सराफ विश्वास के हैं तो वहां खरीदारी करें।
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सोना - फोटो : Adobe Stock
सोना खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान
पूर्वांचल सोनार समिति के प्रदेश अध्यक्ष महेश वर्मा ने बताया कि आभूषण खरीदने से पहले उसकी कीमत और कैरेट जांच जरूर करें। आभूषण पर लगे हाॅलमार्क की जांच करें, जिससे शुद्धता का पता लगे। दुकानदार से खरीद का सर्टिफिकेट भी जरूर लें, जिसपर शुद्धता, वजन और उसकी कीमत लिखी हो। सोना विश्वास का सौदा है तो कोशिश करते अपने पुराने और भरोसेमंद से ही खरीदारी करें।

आप भी जांच सकते हैं सोने की शुद्धता
सोने के आभूषण पर विनेगर (सिरका) की कुछ बूंदें डालने पर रंग में बदलाव नहीं हुआ तो सोना खरा है। आभूषण पर चुंबक लगाने पर वह चिपकेगा नहीं, भरे बर्तन में आभूषण डालने पर अगर वह डूब गया तो सोना असली है। असली सोना कितना भी हल्का या भारी हो, पानी में डालने पर डूब जाता है।
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