इस बार गोरखपुर और आसपास के इलाके की हवा की गुणवत्ता बेहतर बनी हुई है। अगर हमने सजगता दिखाई तो दिवाली के दौरान भी हवा बेहतर रहेगी। कम से कम गुणवत्ता खतरनाक स्तर पर तो नहीं पहुंचेगी। बस पटाखों के इस्तेमाल में समझदारी दिखानी होगी।
बस एक वजह से बेहतर रहेगी गोरखपुर की हवा, खुले में ले सकेंगे 'चैन की सांस'
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करीब एक पखवाड़े से दिल्ली में एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 400 के खतरनाक स्तर पर बना हुआ है। प्रदेश के विभिन्न जिलों में भी स्थिति काफी खराब है। गुरुवार को दिल्ली का एक्यूआई 388, वाराणसी का 232, लखनऊ का 244, कानपुर का 285 दर्ज किया गया। राहत की बात यह है कि गोरखपुर एक्यूआई का स्तर एक पखवाड़े से सामान्य बना हुआ है।
गोरखपुर एनवायरमेंटल एक्शन ग्रुप के मौसम विशेषज्ञ कैलाश पांडेय ने बताया कि प्रशासन की सख्ती और हरियाणा और पंजाब से प्रदूषित हवा के नहीं आने से गोरखपुर का एक्यूआई बेहतर बना हुआ है। प्रशासन की सख्ती से इस बार पराली जलाने के मामलों में काफी कमी आई है। वहीं पिछले कुछ दिनों से लगातार पुरवा चल रही है। अगर हवा का रुख पछुवा रहता तो हरियाणा और पंजाब से प्रदूषित हवा गोरखपुर आती और यहां के हवा की गुणवत्ता को भी खराब करती।
एयर क्वालिटी इंडेक्स
0-50 - बेहतर
51-100- संतोषजनक
101-200- सामान्य
201-300- खराब
301- 400- बहुत खराब
401-500- गंभीर
तारीख -- एक्यूआई (माइक्रो ग्राम क्यूबिक मीटर)
01 नवंबर- 149
02 नवंबर- 151
03 नवंबर- 152
04 नवंबर- 143
05 नवंबर- 162
06 नवंबर- 164
07 नवंबर- 167
08 नवंबर- 163
09 नवंबर- 155
10 नवंबर - 151
11 नवंबर- 134
12 नवंबर- 147