फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

गोरखपुर में हवा की गुणवत्ता फिर हुई खराब, नहीं सुधरेंगे तो प्रदूषण के मामले में ‘दिल्ली दूर नहीं’

Tue, 08 Dec 2020 04:58 PM IST
vivek shukla राजीव रंजन, गोरखपुर।
राजीव रंजन, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Tue, 08 Dec 2020 04:58 PM IST
विज्ञापन
Gorakhpur air quality deteriorates again
gorakhpur news - फोटो : अमर उजाला।

दिल्ली के मुकाबले, गोरखपुर वायु प्रदूषण के स्थानीय आंकड़ों को देखकर हम थोड़ा खुश हो सकते हैं, लेकिन अपने तौर-तरीकों में सुधार नहीं करेंगे तो इस मामले में ‘दिल्ली दूर नहीं’ है। दरअसल, शहर में लगातार बढ़ती गाड़ियां, निर्माण कार्यों में प्रदूषण रोकने संबंधी मानकों की उपेक्षा, सड़क किनारे की धूल की नगर निगम द्वारा सफाई न करने जैसी प्रवृत्ति के चलते शहर की हवा लगातार प्रदूषित होती जा रही है।

Gorakhpur air quality deteriorates again
gorakhpur news - फोटो : अमर उजाला।

आकाश में अभी जो धुंध की चादर छाई है, उसकी वजह काफी हद तक प्रदूषण भी है। शहर की वायु गुणवत्ता एक बार फिर उतनी खराब हो चुकी है, जितनी दिवाली पर आतिशबाजी की वजह से हुई थी। पिछले कुछ दिनों से गोरखपुर में एयर क्वालिटी इंडेक्स 170 के ऊपर बना हुआ है। पांच दिसंबर को यह 180 पहुंच गया था। दिवाली पर यह 190 हो चुका था, लेकिन, दिवाली के कुछ दिन बाद एयर क्वालिटी इंडेक्स बेहतर होकर 130 तक पहुंच गया था।

 

Gorakhpur air quality deteriorates again
gorakhpur news - फोटो : शिव हर्ष द्विवेदी।

गोरखपुर एनवायरमेंटल एक्शन ग्रुप के मौसम विशेषज्ञ कैैलाश पांडेय ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से पुरवा हवा चल रही है। इस वजह से हवा में काफी ज्यादा नमी है। ऐसे वातावरण में निर्माण कार्यों की वजह से उड़ने वाले धूल कण और वाहनों से निकलने वाला हानिकारक धुआं एक ही जगह पर ठहर जाते हैं। पिछले कुछ दिनों से गोरखपुर में निचले और ऊपरी वायुमंडल का हाल कुछ ऐसा ही है। इस वजह से वायु की गुणवत्ता खराब हो गई है। उन्होंने कहा कि वायु को प्रदूषित करने वाले मुख्य कारकों में वाहनों से निकलने वाला धुआं है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Gorakhpur air quality deteriorates again
gorakhpur news - फोटो : अमर उजाला।

गोरखपुर में हर साल बढ़ जाते हैं करीब 10 प्रतिशत वाहन
एआरटीओ श्याम लाल ने कहा कि गोरखपुर में हर साल तकरीबन 10 प्रतिशत की दर से वाहनों की संख्या बढ़ जाती है। अप्रैल 2019 में गोरखपुर में पंजीकृत वाहनों की संख्या तकरीबन 9.48 लाख थी, जोकि नवंबर 2020 में 10.77 लाख हो गई है। इसमें दो पहिया वाहनों की संख्या 9.37 लाख और चार पहिया वाहनों की संख्या 63 हजार के आसपास है। उधर, दिल्ली में पंजीकृत वाहनों की संख्या गोरखपुर की तुलना में तकरीबन नौ गुना ज्यादा है। दिल्ली में पंजीकृत वाहनों की संख्या 1.09 करोड़ है।



 

विज्ञापन
Gorakhpur air quality deteriorates again
gorakhpur news - फोटो : शिव हर्ष द्विवेदी।
पिछले दिनों कुछ ऐसा था गोरखपुर का एयर क्वालिटी इंडेक्स
01 दिसंबर- 160
02 दिसंबर -161
03 दिसंबर - 164
04 दिसंबर - 160
05 दिसंबर - 180
06 दिसंबर - 177
07 दिसंबर   170

कुछ यूं रहा अन्य जगहों का एयर क्वालिटी इंडेक्स
स्थान         एयर क्वालिटी इंडेक्स
दिल्ली          378
नोएडा          406
ग्रेटर नोएडा   424
गाजियाबाद    447
कानपुर        403
लखनऊ      352
वाराणसी     273
गोरखपुर     170
महराजगंज  164
बस्ती          172
देवरिया       173
कुशीनगर    167
खलीलाबाद  169
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed