कोरोना की दूसरी लहर के दौरान महराजगंज और कुशीनगर जिलों में भी डेल्टा वैरिएंट ने ही अधिक लोगों को चपेट में लिया था। आरएमआरसी की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक 38 मरीजों के नमूनों में से 27 में डेल्टा की पुष्टि हुई है। आठ में डेल्टा प्लस और तीन में कप्पा वैरिएंट मिला है। इनमें से डेल्टा के केवल एक मरीज की मौत हुई है। अन्य लोग स्वस्थ हो चुके हैं। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि पूर्वांचल में डेल्टा वैरिएंट ने ही अधिक संक्रमण फैलाया था।
यूपी: महराजगंज और कुशीनगर में डेल्टा ने ढाया था कहर, इस रिपोर्ट में हुआ खुलासा
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इसके अलावा महाराजगंज के ही 17 मरीजों में डेल्टा और तीन में कप्पा वैरिएंट की पुष्टि हुई है। वहीं, कुशीनगर के नौ और गोरखपुर के एक मरीज में डेल्टा वैरिएंट मिला है। इनमें डेल्टा से पीड़ित एक 65 वर्षीय व्यक्ति की मौत हुई है। मृतक कुशीनगर का रहने वाला था। इसके अलावा सभी मरीज कोरोना को मात देकर स्वस्थ हो चुके हैं।
डेल्टा प्लस वैरिएंट के मरीजों को होना पड़ा था भर्ती
बताया जा रहा है कि जिन आठ मरीजों में डेल्टा प्लस मिला है। उन्हें गंभीर हाल में इलाज के लिए निजी और बीआरडी मेडिकल कॉलेज में भर्ती होना पड़ा था। इन मरीजों को सबसे अधिक दिक्कत सांस लेने में हुई थी, लेकिन समय रहते इलाज शुरू हुआ इस वजह से इनकी जान बच गई। विशेषज्ञों के मुताबिक अगर इनके इलाज में एक से दो दिनों की देरी होती तो बचा पाना मुश्किल था।
तीन किशोरों में मिला डेल्टा प्लस वैरिएंट
कुशीनगर के तीन मरीजों में डेल्टा प्लस वैरिएंट मिला है। इनकी उम्र 15 और 17 साल है। दोनों मरीजों को गंभीर हाल में निजी अस्पताल में भर्ती होना पड़ा था। दोनों मरीजों की सीटी वैल्यू 25 से कम थी। इस वजह से यह बेहद गंभीर श्रेणी में थे।
25 से कम सीटी वैल्यू के मरीजों का भेजा गया था सैंपल
डॉ हीरावती ने बताया कि गंभीर मरीजों के ही सैंपल भेजे गए थे। सभी की सीटी वैल्यू 25 से कम थी। सीटी वैल्यू कम होने पर मरीजों के शरीर में संक्रमण का असर ज्यादा रहता है। उनके फेफड़े पर संक्रमण का असर सबसे अधिक होता है।
किसी को नहीं लगी थी वैक्सीन
डॉ हीरावती ने बताया कि जिन मरीजों में डेल्टा, डेल्टा प्लस और कप्पा वैरिएंट मिले हैं, उनमें किसी को भी उस वक्त वैक्सीन नहीं लगी थी। उस वक्त केवल हेल्थ वर्करों और फ्रंट लाइन वर्करों को वैक्सीन लगाई जा रही थी।
सबसे अधिक पॉजिटिविटी रेट डेल्टा का मिला
सबसे अधिक पॉजिटिविटी रेट डेल्टा वैरिएंट का मिला है। महराजगंज के 65.38 प्रतिशत लोगों में डेल्टा, 23.08 प्रतिशत लोगों में डेल्टा प्लस और 11.54 में कप्पा वैरिएंट की पुष्टि हुई है। इसी तरह कुशीनगर में 81.82 प्रतिशत लोगों में डेल्टा, 18.18 प्रतिशत लोगों में डेल्टा प्लस वैरिएंट मिला है।
आरएमआरसी के सीनियर वैज्ञानिक डॉ हीरावती ने कहा कि एनआइवी पुणे से 38 मरीजों की रिपोर्ट मिली है। इसमें डेल्टा से पीड़ित एक बुजुर्ग की मौत हुई है, जबकि डेल्टा प्लस और डेल्टा मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। कप्पा से पीड़ितों की तलाश की जा रही है। इन मरीजों पर निगाह रखी जाएगी। उनके स्वास्थ्य के बारे में पता किया जा रहा है।