उत्तर प्रदेश के कानपुर में आठ पुलिसकर्मियों के शहादत का जिम्मेदार कुख्यात बदमाश विकास दुबे का एनकाउंटर चर्चा का विषय बन गया है। वहीं गोरखपुर में फरार बदमाशों की सूची में सबसे ऊपर एक लाख का इनामी बदमाश राघवेंद्र यादव का नाम है। वह जब चाहा आया और किसी की हत्या किया फिर फरार हो गया मगर पुलिस उसे दबोच नहीं पाई।
पुलिस के लिए विकास दुबे से बड़ी चुनौती बना गोरखपुर का ये बदमाश, दारोगा सहित परिवार के चार लोगों की कर चुका है हत्या
बता दें कि राघवेंद्र जिले के झंगहा के सुगहा गांव का रहने वाला है। एक लाख का इनामी राघवेंद्र पिछले कई सालों से पुलिस को चकमा दे रहा है। आखिरी बार पुलिस ने उसे कोलकाता में देखा था, तब टीम ने घेराबंदी भी की थी मगर वह बच निकला था।
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राघवेंद्र को पकड़ने के लिए एसटीएफ और जिले की क्राइम ब्रांच अब नई हिकमत लगा रही है। वहीं चार साल से फरार चल रहे बदमाश को संरक्षण देने के आरोप में पुलिस उसकी मां, बहन-बहनोई व कई रिश्तेदारों को जेल भेज चुकी है।
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केस करने पर कर दी थी हत्या
झंगहा के सुगहा गांव के रहने वाले बदमाश राघवेंद्र यादव ने पुरानी रंजिश में छह जनवरी 2016 को सेवानिवृत्त दारोगा जय हिंद यादव के छोटे भाई बलवंत और बेटे कौशल की गोली मारकर हत्या कर दी। वारदात के बाद बदमाश फरार हो गया और फिर मुकदमे की पैरवी न करने की धमकी दी।
इसके बाद 10 अप्रैल 2018 की शाम मुकदमें की सुनवाई कर कचहरी से लौट रहे सेवानिवृत्त दारोगा जय हिंद यादव और उनके बेटे नागेंद्र की गजाईकोल पुलिया के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। यह हत्यारा अभी भी फरार है।