फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

मरी हुई बेटी को जिंदा देख फफक कर रो पड़े थे पिता, बोले- 'मेरी है पर मेरे लिए मर चुकी है'

Sun, 18 Oct 2020 05:43 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Sun, 18 Oct 2020 05:43 PM IST
विज्ञापन
thriller murder story and suspense crime Gorakhpur famous shikha dubey murder case
शिखा दुबे हत्याकांड। (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
2011 में गोरखपुर शिखा दुबे हत्याकांड ने लोगों को हैरान कर दिया था। जिसे लोग मरा समझ रहे थे वह अपने प्रेमी के साथ सोनभद्र में रह रही थी। इधर गोरखपुर में किसी और महिला की लाश को अपनी बेटी समझ कर उसके पिता अंतिम संस्कार कर चुके थे। एक दिन जब शिखा सामने आई तो पिता राम प्रकाश दुबे उसे देखकर फूट-फूटकर रोने लगे और उसके गालों को छूकर यकीन करने की कोशिश कर रहे थे कि वो जिंदा है। इसके बाद उन्होंने अपनी मोहमाया को त्यागकर कहा- ये मेरी ही बेटी है लेकिन अब मेरे लिए मर चुकी है। आगे की स्लाइड्स में पढ़ें कैसे शिखा ने रची अपनी मौत की पूरी साजिश...


 
thriller murder story and suspense crime Gorakhpur famous shikha dubey murder case
शिखा दुबे हत्याकांड। (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
बात 11 जून 2011 की है। गोरखपुर सिंघाड़िया में एक युवती की लाश मिली थी। उसकी कद काठी और उम्र से पता चला कि वह इंजीनियरिंग कॉलेज के कमलेशपुरम कॉलोनी इलाके से गायब युवती शिखा दुबे है। उसके पिता को बुलाया गया, घरवाले, रिश्तेदार भी जुटे सबने माना लाश शिखा की ही है। इस दौरान पिता राम प्रकाश दुबे ने पड़ोसी दीपू पर हत्या की आशंका जताई और केस दर्ज करा दिया। पुलिस जांच करने पहुंची तो पता चला दीपू भी घर से गायब है। जांच के दौरान पुलिस को खबर मिली कि आरोपी दीपू सोनभद्र में है। सोनभद्र पहुंचकर पुलिस टीम के सामने एक हैरान करने वाला सच आया। वहां केवल दीपू ही नहीं शिखा भी मौजूद थी।

 
thriller murder story and suspense crime Gorakhpur famous shikha dubey murder case
शिखा दुबे हत्याकांड। (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
पुलिस दोनों को गिरफ्तार कर गोरखपुर लेकर आई। यहां आने के बाद शिखा ने एक ऐसी कहानी सुनाई कि पुलिस भी हैरान रह गई। उसने बताया कि उसे पड़ोसी दीपू यादव (26) से प्यार हो गया था। दोनों को पता था कि उनके घरवाले इस रिश्ते के लिए तैयार नहीं होंगे। ऐसे में दोनों ने घर से भागने और परिजनों से पीछा छुड़ाने के लिए एक खतरनाक साजिश रची। दोनों ने तय किया कि शिखा की कद काठी की किसी महिला की हत्या कर उसे शिखा की पहचान दे दी जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन
thriller murder story and suspense crime Gorakhpur famous shikha dubey murder case
शिखा दुबे हत्याकांड। (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला

इस साजिश में दीपू का दोस्त सुग्रीव (35) भी शामिल था जो एक ट्रांसपोर्ट कारोबारी था। उसका अक्सर सोनभद्र जिले जाना होता था, वहां वह एक ऐसी लड़की को जानता था, जो कद-काठी में शिखा से बहुत मिलती थी। उसका नाम पूजा (25) था। पूजा तीन साल की बच्ची की मां थी। दीपू और सुग्रीव उसे गोरखपुर में तीन हजार रुपये की नौकरी दिलाने के बहाने ले आए। सुग्रीव 10 जून की रात में पूजा को ट्रक से कूड़ाघाट लाया और उधर, शिखा- दीपू के साथ घर से भागकर कुसम्ही जंगल पहुंच गई। जंगल में ट्रक में सवार पूजा को शिखा ने वह कपड़ा पहना दिए, जिसे पहनकर वह घर से निकली थी। इतना ही नहीं उसके गले में एक धागा डाला गया जो शिखा हमेशा पहनती थी। इसके बाद ट्रक में ही पूजा की हत्या कर दी गई।

विज्ञापन
thriller murder story and suspense crime Gorakhpur famous shikha dubey murder case
शिखा दुबे हत्याकांड। (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला

इस कत्ल में ट्रक का खलासी बलराम भी चंद रुपये के लालच में शामिल हो गया। हत्या के बाद सबने पूजा की लाश का चेहरा धारदार हथियार से इस कदर बिगाड़ दिया कि चेहरे से असली लड़की की पहचान ना हो सके। फिर सिंघड़िया के पास लाकर शव को फेंक दिया गया। इस हत्या का आरोपी बनाते हुए पुलिस ने शिखा और दीपू को जेल भेज दिया, बाद में दोनों जमानत पर रिहा हो गए और जेल से बाहर आने के बाद दोनों अलग-अलग शादी करके अपनी एक अलग ही दुनिया बसा लिए हैं। फिलहाल केस अदालत में अभी भी चल रहा है।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed