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Rewari News: 1.43 लाख रुपये की साइबर ठगी के मामले में दो आरोपी गिरफ्तार
Sat, 29 Aug 2026 11:16 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sat, 29 Aug 2026 11:16 PM IST
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रेवाड़ी। पुलिस ने कस्टमर केयर के फर्जी नंबर से एक महिला से 1.43 लाख रुपये की साइबर ठगी करने के मामले में दो आरोपियों जिला यमुनानगर के जगाधरी की महाबीर कॉलोनी निवासी कमल वर्मा और जगाधरी के ही तेजली गेट निवासी चेतन को गिरफ्तार किया है।
धारूहेड़ा निवासी संजय कुमार ने शिकायत में बताया था कि 3 अगस्त को उनकी पत्नी ने एक एप पर कुछ सामान मंगवाया था। सामान का ऑर्डर नहीं हुआ, लेकिन खाते से 1398 रुपये कट गए। रकम वापस नहीं आने पर उनकी पत्नी ने गूगल पर एप का कस्टमर केयर नंबर तलाशा और एक नंबर पर संपर्क किया।
फोन उठाने वाले व्यक्ति ने खुद को कस्टमर केयर से बताया। उसने कहा कि करीब 30 सेकंड बाद एक कॉल आएगी। इसके बाद महिला के पास एक अज्ञात नंबर से फोन आया। बातचीत के दौरान ठग ने महिला से बैंक संबंधी जानकारी हासिल कर ली। जानकारी देने के कुछ समय बाद उसके बैंक खाते से 1 लाख 42 हजार 807 रुपये की राशि दूसरे खातों में ट्रांसफर हो गई।
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आरोपी कमल के बैंक खाते में ठगी की रकम में से लगभग 50 हजार रुपये ट्रांसफर हुए थे। जबकि आरोपी चेतन ने उसका खाता साइबर ठगों को मुहैया कराने में मध्यस्थ की भूमिका निभाई थी। पुलिस ने दोनों आरोपियों को अदालत में पेश करके न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पुलिस द्वारा इस मामले में अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी भी जल्द की जाएगी।
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धारूहेड़ा निवासी संजय कुमार ने शिकायत में बताया था कि 3 अगस्त को उनकी पत्नी ने एक एप पर कुछ सामान मंगवाया था। सामान का ऑर्डर नहीं हुआ, लेकिन खाते से 1398 रुपये कट गए। रकम वापस नहीं आने पर उनकी पत्नी ने गूगल पर एप का कस्टमर केयर नंबर तलाशा और एक नंबर पर संपर्क किया।
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फोन उठाने वाले व्यक्ति ने खुद को कस्टमर केयर से बताया। उसने कहा कि करीब 30 सेकंड बाद एक कॉल आएगी। इसके बाद महिला के पास एक अज्ञात नंबर से फोन आया। बातचीत के दौरान ठग ने महिला से बैंक संबंधी जानकारी हासिल कर ली। जानकारी देने के कुछ समय बाद उसके बैंक खाते से 1 लाख 42 हजार 807 रुपये की राशि दूसरे खातों में ट्रांसफर हो गई।
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आरोपी कमल के बैंक खाते में ठगी की रकम में से लगभग 50 हजार रुपये ट्रांसफर हुए थे। जबकि आरोपी चेतन ने उसका खाता साइबर ठगों को मुहैया कराने में मध्यस्थ की भूमिका निभाई थी। पुलिस ने दोनों आरोपियों को अदालत में पेश करके न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पुलिस द्वारा इस मामले में अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी भी जल्द की जाएगी।