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दर्द: लाडली की मौत पर फफक कर रो पड़े पिता, बोले- जिंदगी उजड़ गई मेरी

Thu, 26 Aug 2021 01:57 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Thu, 26 Aug 2021 01:57 PM IST
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painful story of Kajal murder case in Gorakhpur
काजल का शव घर पहुंचने पर जुटी लोगों की भीड़। - फोटो : अमर उजाला।
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के गगहा इलाके के जगदीशपुर भलुआन गांव में 20 अगस्त की रात बदमाशों की गोली से घायल काजल सिंह (17) की बुधवार को लखनऊ के केजीएमयू में मौत हो गई। उसके पेट में गोली फंसी थी। डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर उसे बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। उसकी मौत की खबर मिलते ही गांव में मातम छा गया। उधर, इस मामले के नामजद आरोपियों को अभी तक पुलिस नहीं दबोच सकी है। इसे लेकर भी लोगों में आक्रोश है। उधर, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा आरोपियों पर 25-25 हजार का इनाम घोषित किया गया है।

 
पिता बोले, मेरी तो उजड़ गई जिंदगी
पिता राजू नयन सिंह से जब मोबाइल फोन पर बात हुई तो उन्होंने कहा कि मेरी जिंदगी उजड़ गई। इसके बाद वे फफक कर रोने लगे। बोले कि मैं अपनी बेटी को नहीं बचा पाया। इतना कहते हुए फोन काट दिए। काजल अपने माता-पिता की एकलौती संतान थी। उम्र के इस पढ़ाव पर संतान को गंवाने का दुख परिवार सहन नहीं कर पा रहा है। कई रिश्तेदार भी मदद के लिए पहुंच गए हैं।
painful story of Kajal murder case in Gorakhpur
काजल का शव घर पहुंचने पर जुटी लोगों की भीड़। - फोटो : अमर उजाला।
सोशल मीडिया पर भड़का गुस्सा
काजल की मौत की खबर पूरे इलाके में फैल गई। लोग सोशल मीडिया पर अपना गुस्सा जाहिर कर रहे हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी न होने की वजह से लोगों का गुस्सा और बढ़ गया है। लोग इसे लेकर आवाज उठाने की मांग कर रहे हैं। बेटी की हत्या से सब आक्रोशित हैं। यह घटना जातीय रंग न लेने पाए, इसे देखते हुए पुलिस भी सक्रिय हो गई है।
painful story of Kajal murder case in Gorakhpur
गोली लगने से घायल काजल व उसके पिता। - फोटो : अमर उजाला।
दरोगा ने खून देकर जान बचाने की कोशिश की थी
काजल के परिजनों के साथ गए गगहा थाने के दरोगा अमित चौधरी ने भी उसकी जान बचाने के लिए भरपूर कोशिश की थी। उन्होंने रक्तदान भी किया था, ताकि उसका ऑपरेशन सफल हो सके, पर तमाम कोशिशें बुधवार को बेकार हो गईं और काजल ने आखिरी सांस ली। दरोगा रिश्तेदारों की मदद से काजल के माता- पिता को संभालने की कोशिश में लगे रहे।
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काजल का शव घर पहुंचने पर जुटी लोगों की भीड़। - फोटो : अमर उजाला।
बढ़ाई गई हत्या की धारा, आरोपी फरार
पुलिस ने इस मामले में राजू नयन सिंह की तहरीर पर विजय प्रजापति, उसके पिता सुभाष प्रजापति, मां सहित चार लोगों पर हत्या की कोशिश का केस दर्ज किया था। इसमें पिता और मां को आपराधिक साजिश का आरोपी बनाया गया था। अब मौत होने के बाद इसे हत्या में बदल दिया गया है। वहीं अभी तक पुलिस इस मामले में एक भी नामजद आरोपी को नहीं दबोच सकी है। सभी आरोपी फरार हैं। पुलिस ने दबाव बनाने के लिए विजय की जमानत लेने वाले सहित दो लोगों को उठाया था, लेकिन इसका भी कोई फायदा नहीं हुआ। अभी तक बदमाशों तक न पहुंच पाने की वजह से लोगों में आक्रोश है। पहले इस घटना से नाराज ग्रामीणों ने हाईवे जाम कर प्रदर्शन किया था।
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मृत छात्रा काजल की फाइल फोटो। - फोटो : अमर उजाला।
मेधावी छात्रा थी काजल
राजू नयन सिंह की पुत्री काजल आरपीएम स्कूल कौड़ीराम में कक्षा 10वीं की छात्रा थी। आरपीएम स्कूल कौड़ीराम के प्रधानाचार्य राजीव रंजन सिंह ने बताया कि काजल एक होनहार और प्रतिभाशाली छात्रा थी। खेलकूद और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भी उसकी विशेष रुचि थी।
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