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निर्भया कांड का वो दोषी, जिसे गांव वालों ने फांसी से पहले ही मरा हुआ मान लिया

Wed, 19 Feb 2020 08:31 AM IST
vivek shukla डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर Published by: vivek shukla Updated Wed, 19 Feb 2020 08:31 AM IST
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Nirbhaya Case convict pawan gupta story before death warrant hanging 3 March 2020
निर्भया का दोषी पवन गुप्ता। (File) - फोटो : सोशल मीडिया

3 मार्च 2020 की सुबह निर्भया के दोषियों को फांसी की नई तारीख पटियाला हाउस कोर्ट ने जारी कर दिया है। सात साल पहले दिल्ली की सड़कों पर चलती बस में निर्भया के साथ खौफनाक वारदात को अंजाम देने वाले छह दरिंदों में एक गोरखपुर जोन के बस्ती जिले का पवन गुप्ता उर्फ कालू भी शामिल है।

Nirbhaya Case convict pawan gupta story before death warrant hanging 3 March 2020
pawan gupta - फोटो : अमर उजाला

16 दिसंबर 2012 को जब चलती बस में छात्रा के साथ गैंगरेप हुआ, उस समय पवन गुप्ता उर्फ कालू भी अपने दोस्तों के साथ उसी बस में था। उसकी हरकत पर आज भी गांव के लोगों को यकीन नहीं होता। इसका जिक्र होते ही उनका सिर शर्म से झुक जाता है। गांव के लोग उसे फांसी से पहले ही मरा हुआ मान लिए हैं।

Nirbhaya Case convict pawan gupta story before death warrant hanging 3 March 2020
nirbhaya case - फोटो : अमर उजाला

निर्भया कांड का अभियुक्त पवन गुप्ता बस्ती जिले के जगन्नाथपुर का निवासी है। उसके परिवार के लोग तो दिल्ली के आरकेपुरम रविदास कैंप में रहते हैं। पवन के बचपन के दोस्त और अन्य लड़के कहते हैं कि उसे क्रिकेट का बहुत शौक था। उसने महादेवा में नमकीन बनाने की फैक्ट्री खोली लेकिन वह चल नहीं पाई। इसके बाद वह दिल्ली चला गया और वहां जूस का व्यवसाय करने लगा।

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Nirbhaya Case convict pawan gupta story before death warrant hanging 3 March 2020
Nirbhaya Case - फोटो : अमर उजाला

पवन के पिता, दादी और बहन आदि परिवार के सदस्य आरकेपुरम इलाके के उसी संत रविदास कैंप में रहते थे। उसकी बहन और दादी ने 2017 में फांसी की सजा के बाद अदालत और कानून पर टिप्पणी की थी। दोनों का मानना था कि उन्हें न्याय पाने के लिए प्रयास करने का मौका नहीं दिया गया। पवन के चाचा भी दिल्ली में रहकर काम करते हैं। निर्भया कांड के बाद पवन की मां की मौत पर पिता एक बार अपने गांव जगन्नाथपुर आए थे, लेकिन वह क्रिया-कर्म के बाद लौट गए।

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Nirbhaya Case convict pawan gupta story before death warrant hanging 3 March 2020
nirbhaya case - फोटो : सोशल मीडिया

दो भाई व दो बहन में सबसे बड़ा पवन दुकानदारी के अलावा ग्रेजुएशन की पढ़ाई भी कर रहा था। पिता ने यहां लालगंज थाने के महादेवा चौराहे के पास गांव में भी जमीन ली थी और उस पर मकान बनवाना शुरू किया था, मगर 16 दिसंबर 2012 में हुए निर्भया कांड के बाद से काम ठप हो गया।

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