एसटीएफ गोरखपुर इकाई के साथ मुठभेड़ में ढेर 1.50 लाख रुपये के इनामी बदमाश फिरोज पठान ने अपनी सक्रियता के दौरान प्राइवेट बैंकों को ही निशाने पर रखा था। वह सरकारी बैंक लूटने की योजना नहीं बनाता था। एसटीएफ के मुताबिक, सरकारी बैंकों के आसपास पुलिस पिकेट रहती है। उससे फिरोज डरता था। वह प्राइवेट बैंकों का सुरक्षा घेरा इतना मजबूत नहीं मानता था।
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पुलिस मुठभेड़ में ढेर इनामी बदमाश फिरोज।
- फोटो : अमर उजाला।
एसटीएफ की छानबीन में जो तथ्य सामने आए हैं, उसके मुताबिक फिरोज पठान ने गोरखपुर में खजनी-गोला मार्ग पर स्थित एक प्राइवेट बैंक लूटने की योजना बनाई थी। उसी इरादे से गोरखपुर आया भी था। एक दिन और एक रात गोरखपुर रेलवे स्टेशन के किसी होटल में रुका था।
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मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने पूरे इलाके को घेर लिया था। फाइल
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खजनी-गोला मार्ग पर स्थित प्राइवेट बैंक की रेकी भी की थी। लूट वाले दिन बैंक से कुछ दूर ही डायल 112 की गाड़ी खड़ी थी, इस कारण उसने लूट का इरादा बदल दिया था। उसके बाद ही बस्ती में आईसीआईसीआई बैंक लूटने की योजना बनाई थी।
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फिरोज पठान की तलाश पुलिस को कई सालों से थी।
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फिरोज एक बाइक से पहले सिकरीगंज गया, फिर रामजानकी मार्ग होकर बस्ती पहुंच गया था। एक मुखबिर की मदद से आईसीआईसीआई बैंक की डिटेल निकलवा ली। एसटीएफ के मुताबिक, फिरोज के मुखबिर को भी गिरफ्तार किया जा चुका है।
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मुठभेड़ के बाद बैग में मिला हथियार।
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अब उसके नेटवर्क को तलाशा जा रहा है। गोरखपुर एयरपोर्ट पर उतरने के बाद फिरोज को किसने रिसीव किया और उसे कहां-कहां ले गया, यह जानकारी जुटाई जा रही है। नेटवर्क से जुड़े हर व्यक्ति को गिरफ्तार करके जेल भेजा जा जाएगा।