कानपुर में आठ पुलिस कर्मियों की हत्या के आरोपों से घिरे विकास दुबे व उसके साथियों की नेपाल से सटे जिलों में सरगर्मी से तलाश की जा रही है। एसटीएफ की गोरखपुर इकाई ने सभी जिलों में पुलिस को विकास दुबे की फोटो भेज दी है। वहीं सोमवार की शाम को भारत नेपाल सीमा सोनौली मुख्य द्वारा विकास दुबे का पोस्टर चस्पा किया गया। सीमा क्षेत्र में पुलिस ने हलचल तेज कर दी गई, जिससे अगर वह कहीं दिखे तो आसानी से पकड़ा जा सके।
Vikas Dubey News: कुख्यात विकास दुबे की नेपाल बार्डर पर तलाश, हर दीवार पर लगाया गया 'मोस्ट वांटेड' का पोस्टर
कानपुर के बिकरू गांव में डिप्टी एसपी सहित आठ पुलिस कर्मियों की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में कुख्यात बदमाश विकास दुबे की तलाश की जा रही है। यूपी एसटीएफ की 100 टीमें लगी हैं। विकास दुबे के नेपाल भागने की चर्चा थी, इसलिए एसटीएफ की गोरखपुर इकाई अलर्ट है।
एसटीएफ की टीम ने नेपाल पुलिस से संपर्क साधा है। नेपाल पुलिस को हत्यारोपित की फोटो दी गई है। नेपाल सीमा पर तैनात एसएसबी को अलर्ट किया गया है ताकि कानपुर से भागा बदमाश देश छोड़कर न भाग सके। नेपाल के सीमावर्ती जिलों में जगह-जगह विकास दुबे के पोस्टर लगाए गए हैं। इन जिलों की पुलिस भी हाई अलर्ट पर है। फोटो के सहारे ही कुख्यात बदमाश की तलाश की जा रही है। हालांकि विकास दुबे के मोबाइल फोन की जो सीडीआर निकाली गई है, उसमें उसकी अंतिम लोकेशन गोरखपुर या फिर आसपास के जिलों में नहीं मिली है।
ऐसी आशंका जताई जा रही है कि वह उत्तराखंड के रास्ते नेपाल भाग गया है। इसी का नतीजा है कि एसटीएफ ने नेपाल पुलिस से मदद मांगी है। एसटीएफ का कहना है कि यदि विकास दुबे नेपाल भागा है तो बच नहीं पाएगा। नेपाल पुलिस से मित्रवत संबंध हैं। एक दूसरे से सूचनाएं साझा करते हैं। बदमाशों की गिरफ्तारी में भी एक दूसरे की मदद करते हैं।
वहीं सिद्धार्थनगर के मोहाना थाना इंचार्ज रामेश्वर राय ने बताया कि विकास दुबे की तलाश में जिले की लगभग 68 किलोमीटर की सीमा पूरी तरह सील की गई है। सीमा के प्रमुख मार्गों के अलावा नो मैंस लैंड में उन जगहों पर भी लगातार गश्त जारी है, जहां से आम लोगों का सीमा पार का आना जाना होता है।