विक्रम जोशी की मौत के बाद पोस्टमार्टम करने वाले डाक्टर दो घंटे तक गोली ढूंढते रहे। इसके बाद भी गोली नहीं मिली तो शव की एमआरआई कराने की तैयारी की गई। हालांकि इस बीच कुछ ऐसा हुआ कि डॉक्टरों की परेशानी सुलझ गई और तब जाकर पोस्टमार्टम हो सका, जानिए ऐसा क्या हुआ और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में क्या सामने आया है....
विक्रम जोशी के पोस्टमार्टम में बड़ा खुलासा, सिर के पार नहीं गई थी गोली, हड्डी तोड़ घुमी फिर उसी रास्ते से निकली बाहर
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इसी दौरान यशोदा अस्पताल में इलाज करने वाले डॉक्टर से पोस्टमार्टम करने वाली टीम ने संपर्क किया तब पता चला कि ड्रेसिंग करते समय ही गोली मिल गई थी। इसके बाद पोस्टमार्टम पूरा किया गया। पोस्टमार्टम करने वाली टीम के अनुसार सुबह सात बजे शव का पोस्टमार्टम शुरू किया गया। इस दौरान 30 मिनट में पोस्टमार्टम पूरा हो गया, लेकिन गोली नहीं मिली।
हड्डी तोड़ते हुए सिर में घुसी थी गोली
डॉक्टर के अनुसार सिर में तीन टांके लगे थे, जिससे खून का बहना बंद हो गया था। टांके खोले गए तो खोपड़ी में सुराख तो था लेकिन बाहर निकलने का निशान नहीं था। सिर खोलने पर पता चला कि बाईं तरफ से गोली सटाकर मारी गई थी। हड्डी तोड़ते हुए सिर में घुस गई लेकिन बाहर निकलने के बजाए सिर के अंदर ही हड्डी तोड़ती हुए नाचकर उसी रास्ते से बाहर की तरफ आकर सिर में फंस गई।
अस्पताल में डॉक्टरों ने ड्रेसिंग शुरू किया तो गोली हाथ में आ गई। तीन टांके लगाकर खून का बहना बंद कर दिया गया था, लेकिन कोमा में चले जाने से आपरेशन नहीं किया जा सका था।
गोली न मिलने पर एमआरआई कराने की तैयारी की
टीम का कहना था कि हाईप्रोफाइल होने के कारण पोस्टमार्टम करने वाली टीम भी पूरी सजगता बरत रही थी। पूरा सिर खोलने के बावजूद गोली नहीं मिली तो शव की एमआरआई व सिटी स्कैन जांच कराने का फैसला लिया गया। इसी दौरान इलाज करे वाले डॉक्टरों से संपर्क हो गया तो पता चला कि गोली पहले ही निकल चुकी थी। डॉक्टर ने बताया कि पिछले कई साल के अनुभव में इस तरह का पहला मामला सामने आया कि गोली सिर की हड्डी तोड़ते हुए पूरी तरह से नाचकर उसी रास्ते से बाहर की तरफ आ गई।