फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

दिल्ली इंजीनियरिंग कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल ने सुनाए सुशांत सिंह राजपूत के कई अनसुने किस्से, कहा- डिप्रेशन की खबरें गलत

Mon, 15 Jun 2020 10:18 AM IST
पूजा त्रिपाठी सीमा शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली
सीमा शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: पूजा त्रिपाठी Updated Mon, 15 Jun 2020 10:18 AM IST
विज्ञापन
Sushant singh rajput was DTU student left engineering in mid his teacher tells untold stories about him
सुशांत सिंह राजपूत - फोटो : अमर उजाला

दिल्ली इंजीनियरिंग कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल, दिल्ली प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के संस्थापक व कुलपति और वर्तमान में एमिटी, ग्रुरुगाम के कुलपति प्रो. पीबी शर्मा कहते हैं कि सुशांत सिंह राजपूत अभिनय ही नहीं, पढ़ाई में भी बेहद होशियार और जिंदादिल थे। दिल्ली इंजीनियरिंग कॉलेज (वर्तमान में दिल्ली प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय) के प्रिंसिपल होने के नाते अक्सर उन छात्रों के चेहरे याद रह जाते हैं, जो पढ़ाई के चलते खास हों। सुशांत के प्रोफेसरों और दोस्तों ने उनके बारे में कई बातें बताईं जो अब तक बहुत कम लोगों को पता है...

Sushant singh rajput was DTU student left engineering in mid his teacher tells untold stories about him
दिल्ली इंजीनियरिंग कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल प्रो. पीबी शर्मा - फोटो : अमर उजाला

सुशांत का नाम हमेशा इसलिए याद रहा, क्योंकि उन्होंने दिल्ली इंजीनियरिंग कॉलेज की दाखिला प्रवेश परीक्षा में देशभर में सातवां स्थान हासिल किया था। इसके अलावा इंजीनियरिंग दाखिले के लिए आयोजित होने वाली एआईईईई में भी अच्छी रैंक आई थी। यही नहीं, सुशांत ने फिजिक्स में नेशनल ओलंपियाड भी जीता था। सुशांत ने 2003 में करीब 17 से अधिक दाखिला प्रवेश परीक्षा पास की थी। हालांकि इंडियन स्कूल ऑफ माइंस के बजाय सुशांत दिल्ली इंजीनियरिंग कॉलेज में मेकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक करने पहुंचे। 

Sushant singh rajput was DTU student left engineering in mid his teacher tells untold stories about him
सुशांत सिंह राजपूत कॉलेज के दिनों (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला

प्रो. शर्मा कहते हैं कि दिल्ली इंजीनियरिंग कॉलेज में वे 2003 से 2006 तक ही रहे।  इन तीन सालों में पढ़ाई से लेकर कैंपस फेस्ट में सबसे आगे बढ़कर शिरकत करना, हर किसी के साथ जिंदादिली, मुस्कराते हुए बात करते थे। इसलिए आज हर उस पूर्व छात्र, शिक्षकों की आंखें नम  है, क्योंकि विश्वास ही नहीं हो रहा कि अब सुशांत नहीं रहे। 

विज्ञापन
विज्ञापन
Sushant singh rajput was DTU student left engineering in mid his teacher tells untold stories about him
प्रो.रंगानाथ एम सिंगारी, डिपार्टमेंट ऑफ डिजाइन, डीटीयू - फोटो : अमर उजाला

अभी फरवरी में मिले तो कहा, बीटेक की डिग्री पूरी करनी है
कैंपस में जैसे ही सुशांत की मौत की खबर मिली तो एक बार विश्वास ही नहीं हुआ। अभी फरवरी में उनसे मिलना हुआ, जब वे कैंपस आए थे। वे अपनी अधूरी बीटेक डिग्री पूरी करना चाहते थे। इसके लिए उन्हें आवेदन करना था, लेकिन कोविड-19 शुरू हो गया। वर्ष 2003 में  इंजीनियरिंग ड्राइंग, वर्कशाप टेक्नोलॉजी, मैन्यूफैक्चरिंग प्रोसेस पर अक्सर सुशांत से बात होती थी। हालांकि उन दिनों उन्हें अभिनय की दुनिया का आकर्षण होने लगा था। चार वर्षीय बीटेक डिग्री पूरी होने से पहले ही तीसरे साल उन्होंने श्यामक डावर को डांसिंग ऑडिशन के बाद मुंबई की तरफ रुख कर लिया। सुशांत बेहद हंसमुख था। वे आत्महत्या जैसा कदम नहीं उठा सकते थे। इसलिए इस पूरे मामले की जांच बेहद जरूरी है।-प्रो.रंगानाथ एम सिंगारी, डिपार्टमेंट ऑफ डिजाइन, डीटीयू।

विज्ञापन
Sushant singh rajput was DTU student left engineering in mid his teacher tells untold stories about him
सुशांत सिंह राजपूत मैगी बाबा के साथ (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला

मैगी बाबा से लेकर कैंपस विजिट नहीं भूल सकते:
मैगी बाबा का 1960 से दिल्ली इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्रों से दोस्ती है। क्योंकि रात को जब पढ़ाई करते हुए थक जाते या भूख लगती तो वे ही एकमात्र ऐसे थे, जोकि छात्रों से बातें करते हुए मैगी के साथ-साथ चाय पिलाते थे। इसलिए जब  2018  में सुशांत कैंपस (नए और पुराने) आए थे तो विभागों, शिक्षकों से लेकर मैगी बाबा से भी मुलाकात की। बाबा के हाथ की मैगी भी खाई थी। सुशांत की मौत से सब दुखी हैं। क्योंकि उनके जैसा हंसमुख और जिंदादिल इंसान कभी आत्महत्या नहीं कर सकता है।- प्रो. विनय शर्मा (पूर्व छात्र), ईरा ग्राफिक यूनिवर्सिटी, देहरादून। 

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed