सारा सिंह मौत प्रकरण में बुधवार को सीबीआई की विशेष अदालत में सुनवाई हुई। यूपी पुलिस के हेड कांस्टेबल ने विशेष न्यायाधीश राजेंद्र प्रसाद की अदालत में दिए गए बयानों में विधायक अमनमणि त्रिपाठी के बारे में एक बड़ा राज खोला।
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amanmani tripathi and sara singh
- फोटो : अमर उजाला
हेड कांस्टेबल ने अपने बयान में कहा कि हादसे के बाद हुई मेडिकल जांच में अमनमणि त्रिपाठी को किसी तरह की चोट की पुष्टि नहीं हुई थी। महाराजगंज के नौतनवा से निर्दलीय विधायक अमनमणि त्रिपाठी केस की सुनवाई पर अदालत में देरी से पहुंचे। उनके वकीलों ने ट्रेन लेट होना देरी की वजह बताया।
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अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता नवनीत त्यागी बयाना ने बताया कि बुधवार को केस में 22 गवाही हुई। इस दौरान यूपी पुलिस के हेड कांस्टेबल अशोक कुमार वर्मा ने कोर्ट में बयान दर्ज कराए। अशोक वर्मा 2015 में लखनऊ में तैनात थे। नौ जुलाई 2015 को हुई सड़क दुर्घटना के बाद लखनऊ पुलिस ने अमनमणि त्रिपाठी को एक अपहरण के केस में सिरसागंज फिरोजाबाद इलाके से गिरफ्तार किया था।
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इसके बाद 10 जुलाई को हेड कांस्टेबल अशोक वर्मा अमनमणि त्रिपाठी को मेडिकल कराने के लिए श्यामा प्रसाद मुखर्जी सिविल अस्पताल लखनऊ में ले गए थे। मेडिकल में डॉक्टर ने बताया था कि अमनमणि त्रिपाठी के शरीर पर चोट के निशान नहीं हैं। उन्होंने केस संबंधित और भी पहलुओं पर प्रकाश डाला। इस दौरान बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं ने अशोक से सवाल किए।
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नवनीत त्यागी ने बताया कि बुधवार को अशोक की गवाही पूरी हो गई है। केस में अब 23वां गवाह अगली तारीख पांच जुलाई को पेश होगा। गौरतलब है कि नौ जुलाई 2015 को अमनमणि त्रिपाठी पत्नी सारा सिंह के साथ कार में सवार होकर दिल्ली जा रहे थे। रास्ते में फिरोजाबाद हाईवे पर उसकी कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। हादसे में सारा सिंह की मौत हो गई थी, लेकिन अमन को खरोंच तक नहीं आई थी।