जिले के मोहल्ला फूलगढ़ी में बुधवार को मासूम बेटी की हत्या और उसके भाई की गर्दन रेत कर हत्या की कोशिश करने वाले घर के अंदर से रुक रुक कर मासूमों की मां और अन्य परिजनों के बिलखने की आवाज से जब सन्नाटा टूटता है, तब उधर से गुजरने वालों का दिल उस परिवार पर टूटे पहाड़ की कल्पना मात्र से ही कांप उठता है। यह बात अलग है कि दरिंदों का शिकार बनी शहर की मासूम बेटी की मौत पर उसकी आत्मा की शांति के लिए किसी के हाथ नहीं उठे।
दरिंदों का शिकार मासूम की मौत पर दुआ को नहीं उठे हाथ, प्रशासनिक अधिकारी ने बताई चौंकाने वाली वजह
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यहां तक कि जिले की कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी महिला हैं, जिनकी तरफ से भी कोई शोक संवेदना उक्त परिवार के प्रति व्यक्त नहीं की गई। हालांकि एक अधिकारी ने यह कहकर पल्ला झाड़ने का प्रयास किया कि बुधवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग में वरिष्ठ अधिकारी व्यस्त थे। वैसे भी यह मामला पुलिस विभाग से संबंधित है, लेकिन वह शायद यह भूल गए कि कानून व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी प्रशासनिक अफसरों की भी होती है। शायद इस घटना के बाद कोई बवाल नहीं होने के कारण प्रशासनिक अफसरों ने पीड़ित परिवार से मिलकर सांत्वना देना भी जरूरी नहीं समझा।
अगर इसी तरह का कांड दिल्ली, जम्मू काश्मीर, मध्य प्रदेश, राजस्थान आदि देश के किसी कोने में हो जाता तो जगह-जगह मोमबत्तियां जलायी जातीं या फिर हाथों में नारे लिखी तख्तियां लेकर जुलूस निकाले जाते। समाचार पत्रों के दफ्तरों में विज्ञप्तियों के अंबार लग जाते, लेकिन हापुड़ की बेटी को किसी भी संगठन या समिति ने शोकसभा कर उसकी आत्मा की शांति के लिए दुआ नहीं की।
बुधवार को देर रात ही पोस्टमार्टम के बाद किशोरी का चौराखी पर अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। मोहल्ला फूलगढ़ी में किशोरी के साथ विश्वास पात्र नौकरों द्वारा की गई दरिंदगी लोगों को रह-रहकर विचलित कर रही थी। सुबह से ही मोहल्ले का माहौल गमगीन था। पूरे मोहल्ले में खामोशी छायी थी। लोग घरों के बाहर मौजूद जरूर थे, लेकिन गुमसुम थे। पीड़ित के घर लोगों का सांत्वना देने के लिए आना-जाना लगा हुआ था। हर किसी की आंखों में गम और गुस्सा था। मोहल्ले में आसपास के घरों में चूल्हा नहीं जला। वहीं सपा के जिलाध्यक्ष सुबोध नागर के नेृतत्व में कार्यकर्ताओं और वहां के लोगों ने अधिकारियों का घेराव किया। उन्होंने दोषियों को फांसी की सजा दिलाने की मांग की। आईजी ने मामले में कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद लोग शांत हुए।