पिछले वर्ष यूपी के बरेली स्थित श्रीराममूर्ति स्मारक मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस प्रथम वर्ष की छात्रा अनन्या की मौत के बाद परिजन लगातार इंसाफ की मांग कर रहे हैं। गुरुवार को दिल्ली के जंतर मंतर पर अनन्या के लिए कैंडल मार्च निकाला गया।
केंद्र सरकार से मांग की है कि यूपी पुलिस से इस केस को वापस लेकर सीबीआई को सौंपा जाए। परिजनों के अनुसार पिछले वर्ष नोएडा निवासी अनन्या ने पहली ही बार में नीट परीक्षा पास कर बरेली के एसआरएमएस कॉलेज में एमबीबीएस कोर्स में दाखिला लिया था।
27 अगस्त 2017 को उसका कॉलेज में प्रवेश भी हुआ, लेकिन इसके बाद 6 सितंबर को अनन्या की मौत की खबर परिजनों को मिली। बरेली पुलिस ने दर्ज की एफआईआर में पिता अनादि दीक्षित ने शक जाहिर करते हुए इस घटना की निष्पक्ष जांच कराने की मांग भी की है।
उनका कहना है कि बगैर पुलिस को बुलाए कॉलेज प्रबंधन ने अनन्या का कमरा खोला, साथ ही कमरे को खंगाला भी गया। इन सब के बाद भी परिजनों को अनन्या की मौत की सूचना नहीं दी गई। काफी देर बाद कॉलेज के डॉ. आरसी पुरोहित की मदद से उन्हें ये जानकारी मिल सकी।
अनादि बताते हैं कि उनकी बेटी हंसमुख और पढ़ाई में काफी होशियार थी। घटना से तीन दिन पहले ही पूरा परिवार हॉस्टल में अनन्या के साथ था। इसके बाद भी फोन पर अनन्या से बात हुई। उन्होंने रैगिंग को लेकर भी शक जाहिर किया है। साथ ही कहा कि एसआरएमएस के चेयरमैन देव मूर्ति अपनी राजनैतिक पहुंच का फायदा उठाकर इस केस को रफादफा करने में जुटे हैं। इसीलिए स्थानीय पुलिस पर भी परिजनों को विश्वास नहीं है।