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पत्रकार विक्रम जोशी के हत्यारे की पुलिस से थी दोस्ती, डर से घर बेचकर चले गए कई परिवार
Thu, 23 Jul 2020 08:57 AM IST
प्राची प्रियम
राहुल सक्सेना, गाजियाबाद
राहुल सक्सेना, गाजियाबाद
Published by: प्राची प्रियम
Updated Thu, 23 Jul 2020 08:57 AM IST
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विक्रम जोशी हत्याकांड
- फोटो : अमर उजाला
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गाजियाबाद में पत्रकार विक्रम जोशी की हत्या से लोगों में आक्रोश है। एक तरफ पुलिस की कार्यशैली पर तमाम सवाल उठाए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर हत्यारोपियों को फांसी की सजा देने की मांग की जा रही है। इसी बीच मुख्य आरोपी रवि के बारे में तमाम हैरान करने वाले खुलासे सामने आए हैं। पता चला है कि पुलिस के दम पर हत्यारोपी व गैंग का सरगना रवि माफियागिरी करता था।
पिता को मुखाग्नि देता ढाई साल का बेटा
- फोटो : अमर उजाला
उसके घर पर पुलिस का आना-जाना था। इससे लोगों में डर था कि उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी। दोस्ती की वजह से पुलिस रवि पर हाथ नहीं डालती थी। रवि के साथ 10 से 20 लोगों का गैंग रहता था। पिछले डेढ़ साल में उसने प्रताप विहार में डॉन जैसी पहचान बना ली थी। जो भी उसके खिलाफ बोलता था, उसे घर के अंदर घुसकर तब तक मारता था जब तक पीड़ित हाथ जोड़कर माफी न मांग ले।
पिता की मौत के बाद बिलखती बेटी
- फोटो : अमर उजाला
डर से कई परिवार विजयनगर प्रताप विहार से मकान बेचकर चले गए थे। विक्रम जोशी ने रवि को समझाने की कोशिश की थी, लेकिन वह नहीं माना और उसकी हरकतें लगातार बढ़ती रहीं। विरोध बढ़ा तो रवि ने विक्रम को ही ठिकाने लगाने की योजना बना ली। विक्रम की भांजी के जन्मदिन वाले दिन ही उसने हमला कर दिया। प्रताप विहार निवासी रवि को डॉन या दादा कहलवाना पसंद था।
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विक्रम जोशी की बहन
- फोटो : अमर उजाला
रवि के दाएं हाथ के तौर पर शहनूर उर्फ छोटू और बाएं हाथ के तौर पर आकाश बिहारी काम करता था। छोटू ने ही विक्रम के सिर में गोली मारी थी। लोगों ने बताया कि रवि पूरे दिन मोहल्ले में घूमता रहता था। लड़कियों से छेड़छाड़ करता था, जो भी विरोध करता था, उसे पीट देता था। उसकी दबंगई के कारण कोई भी उससे बोलता नहीं था। धीरे-धीरे लोगों में उसका डर बैठना शुरू हो गया।
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विक्रम जोशी की मौत के बाद अस्पताल के बाहर जुटी भीड़
- फोटो : अमर उजाला
रवि के घर पुलिस का आना-जाना होने से इलाके का कोई भी व्यक्ति उससे कुछ बोलता नहीं था। सबको लगता था कि थाने में शिकायत करेंगे तो उसका कुछ नहीं बिगड़ेगा लेकिन यह बाद में एक-एक करके सबको मारेगा। महिलाओं ने बताया कि मारपीट के दौरान यदि कोई अपने घर से बाहर निकलता था तो रवि उसे भी भुगतने की धमकी देता था। इसलिए कोई किसी को बचाने नहीं आता था। लोगों का आरोप है कि पुलिस का उसे और उसके पिता को पूरा संरक्षण था।