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जेएनयू हिंसा पर बड़ा खुलासा, 100 नंबर पर तीन बार दी थी सूचना, हर बार...

Tue, 07 Jan 2020 08:25 AM IST
शाहरुख खान सीमा शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली
सीमा शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शाहरुख खान Updated Tue, 07 Jan 2020 08:25 AM IST
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JNU violence Security guard three time information on 100 number PCR van arrived every time
JNU violence - फोटो : अमर उजाला
जेएनयू के हॉस्टल में सीसीटीवी कैमरे लगे होते तो नकाबपोश गुंडों को तलाशने में दिल्ली पुलिस को मशक्कत नहीं करनी पड़ती। प्रशासन ने तीन साल पहले छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कैमरे लगवाए थे, पर छात्रों ने तोड़ दिए थे। खास बात यह कि जेएनयू सिक्योरिटी ने रविवार को तीन बार सौ नंबर डायल किया था। हर बार पीसीआर वैन भी कैंपस पहुंची थी। 
JNU violence Security guard three time information on 100 number PCR van arrived every time
jnu violence - फोटो : अमर उजाला
रजिस्ट्रार प्रो. प्रमोद कुमार के मुताबिक, तीन साल पहले एग्जीक्यूटिव काउंसिल ने सीसीटीवी कैमरे लगाने का प्रस्ताव पास किया था। इसके बाद आधार कैंपस के विभिन्न इलाकों, हॉस्टल गेट, मैस, क्लासों के बाहर और कॉरिडोर में कैमरे लगने का काम शुरू हुआ था। छात्रसंघ ने सीसीटीवी कैमरों को तोड़ दिया और अन्य स्थानों पर लगाने नहीं दिया था। 
JNU violence Security guard three time information on 100 number PCR van arrived every time
जेएनयू में हुई हिंसा पर कांग्रेस ने सरकार को घेरा - फोटो : Facebook
छात्रसंघ कैमरे लगाने देता तो किसी की भी कैंपस में ऐसे हमला करने की हिम्मत नहीं होती। प्रशासन के मुताबिक, कैंपस सिक्योरिटी ने पहले साढ़े चार बजे, फिर साढ़े पांच और उसके बाद साढ़े छह बजे सौ नंबर पर कॉल की थी। तीनों बार पीसीआर वैन पहुंची थी। हालांकि, झगड़ा बढ़ने और नकाबपोश भीड़ के विद्यार्थियों पर हमले के बाद फोर्स को बुलाया गया। 
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JNU violence Security guard three time information on 100 number PCR van arrived every time
jnu violence - फोटो : अमर उजाला
हॉस्टल से बाहरी छात्रों ने उठाया अपना सामान नकाबपोश गुंडों के हमले के बाद जेएनयू हॉस्टल में रहने वाले बाहरी लोगों ने कैंपस छोड़ दिया है। दिल्ली पुलिस कैंपस समेत हॉस्टल में विद्यार्थियों की जांच करेगी। इस दौरान उनके पहचान पत्र की भी जांच होगी। इसी कारण हॉस्टल में रह रहे बाहरी लोगों ने कैंपस छोड़ दिया है। 
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JNU violence Security guard three time information on 100 number PCR van arrived every time
jnu violence - फोटो : Social Media
सोमवार सुबह ही जेएनयू छात्रों ने साथ रहने वाले बाहरी लोगों को चुपचाप गेट से बाहर निकाल दिया, ताकि पकड़े जाने पर भारी जुर्माना न देना पड़े। कैंपस में प्रशासन अक्सर हॉस्टल में जाकर बाहरी लोगों की जांच करता है। पकड़े जाने पर कई छात्रों पर जुर्माना भी लगता है। डीयू में पढ़ने वाले या नौकरी करने वाले लोग बाहर कमरा महंगा होने के चलते दोस्तों के साथ हॉस्टल में कमरा शेयर कर लेते है।
 
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