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Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   High Court refuses to hear urgent case on demolition of adjacent building in Satya Niketan

Delhi NCR News: सत्य निकेतन में पास की इमारत गिराने पर तुरंत सुनवाई से हाईकोर्ट का इन्कार

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 14 Sep 2026 05:02 PM IST
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याचिकाकर्ता ने मलबे में लोगों के फंसे होने की जताई आशंका, कोर्ट ने पूछा- इसका आधार क्या है?
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संवाद न्यूज एजेंसी

नई दिल्ली। सत्य निकेतन में छह सितंबर को डेज हॉस्टल पीजी के पास पांच मंजिला इमारत गिरने के बाद पास की इमारत को गिराने के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को तत्काल सुनवाई से इन्कार कर दिया। मुख्य न्यायाधीश डीके उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस कारिया की पीठ ने कहा कि याचिका अपनी बारी पर सुनी जाएगी।
याचिकाकर्ता के वकील ने अदालत को बताया कि एमसीडी ने हादसे में गिरी इमारत के बेसमेंट का मलबा पूरी तरह हटाए बिना पास की इमारत को गिराने का काम शुरू कर दिया है। उन्होंने आशंका जताई कि मलबे में कुछ लोग अब भी फंसे हो सकते हैं और इसी आधार पर मामले की तत्काल सुनवाई की मांग की। इस पर पीठ ने पूछा कि मलबे में लोगों के फंसे होने की जानकारी का आधार क्या है। अदालत ने कहा कि पास की इमारत को गिराने से पहले अधिकारियों ने उसकी जांच जरूर की होगी। केवल आशंका या अंदाजे के आधार पर याचिका दायर नहीं की जा सकती। पीठ ने वकील से कहा कि याचिका में ठोस आधार होना चाहिए।
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सत्य निकेतन में छह सितंबर को मरम्मत के दौरान पांच मंजिला पीजी इमारत ढह गई थी। हादसे में सात लोगों की मौत हुई थी। इसके बाद एमसीडी ने पास की गर्ल्स पीजी इमारत को भी खतरनाक घोषित कर आठ सितंबर से उसे गिराने का काम शुरू किया। हादसे के बाद इमारत को खाली करा लिया गया था। इससे पहले सात सितंबर को हाईकोर्ट ने मामले की एमसीडी से उच्चस्तरीय जांच कराने का आदेश दिया था।
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