गाजियाबाद स्थित पटेल नगर के बुजुर्ग दंपती अशोक जैदका और मधु जैदका की हत्या में पुलिस की सूई तीन मजदूरों पर ही टिकी है। घटना के बाद से तीनों आरोपी फरार हैं। पुलिस की तीन टीमें मध्यप्रदेश में आरोपियों को पकड़ने के लिए दबिश दे रहीं हैं। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही घटना का खुलासा कर दिया जाएगा। पटेल नगर सेकेंड निवासी मृतक बुजुर्ग अशोक जैदका की कई जगह प्रॉपर्टी हैं, जिन्हें उन्होंने किराए पर दे रखा है। इनमें से एक प्रॉपर्टी पटेल नगर में है। जिसे उन्होंने शराब ठेके और उसकी कैंटीन के लिए किराए पर दे रखा है। इस कैंटीन के ऊपर बने कमरों में अशोक जैदका ने कुछ मजदूरों को मुफ्त में आश्रय दिया था। इनमें से एक मजदूर का अशोक जैदका के घर आना जाना था।
गाजियाबाद बुजुर्ग दंपती हत्याकांड: जिन्हें दिया था मुफ्त आश्रय, उन्होंने ही उतार दिया मौत के घाट, मध्य प्रदेश से जुड़े तार!
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आरोपियों ने पहले घर में ली शरण, वहां से फिर हुए फरार
पुलिस टीमों ने मध्यप्रदेश में फरार मजदूरों के घर दबिश दी है। पता चला है कि मजदूर वहां पहुंचे थे, लेकिन कुछ समय बाद वहां से चले गए। अब कहां गए हैं, इसके बारे में जानकारी नहीं है। पुलिस ने परिजनों की मदद से रिश्तेदार व जानकारों के यहां दबिश देना शुरू कर दिया है।
एक आरोपी की बेटी की शादी
सीसीटीवी में कैद हुए एक आरोपी की बेटी की शादी बताई जा रही है। उसके लिए पैसे की व्यवस्था नहीं हो रही थी। मजदूर अशोक जैदका के घर आते जाते थे, उन्हें सारी जानकारी रहती थी। हो सकता है उन्हें जानकारी हो कि एक संपत्ति का ढाई करोड़ रुपये आना है और वह घर में रखा हो, उसको लूटने के लिए हत्या की गई हो।
दरवाजा खुलवाने वाला भी रडार पर
दंपती हत्याकांड में दरवाजा खुलवाने वाला व्यक्ति भी पुलिस के रडार पर आ गया है। मिठाई या कोई सामान देने के बहाने से दरवाजा खुलवाया गया है। पहली बार में दरवाजा नहीं खोला गया। उसके बाद आरोपी दोबारा प्लानिंग करके आए और घटना को अंजाम देकर फरार हो गए।
पुलिस की टीमें अपना काम कर रही हैं। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान हो रही है। जल्द ही घटना का खुलासा कर दिया जाएगा।-निपुण अग्रवाल, एसपी सिटी