मां, नंदिका को सोता छोड़कर सोनाक्षी को लेने के लिए घर से बाहर गई थी, लेकिन उसे नहीं पता था कि जरा सी लापरवाही इतनी भारी पड़ने वाली है। नंदिका का शव जब घर पहुंचा तो शिखा का धैर्य जवाब दे गया। वह मासूम के शव से लिपटकर बिलख-बिलखकर रोने लगी। बोली मेरी नन्ही परी मुझे छोड़कर चली गई। नन्ही परी तुम लौटकर आ जाओ।
परिजनों के मुताबिक शाम पांच बजकर बजे मृतका नंदिका की मां शिखा अपनी बड़ी बेटी को डांस क्लास से लेने के लिए घर से गई थीं। हालांकि शिखा ने घर से बाहर जाने से पहले पूरी तैयारी की थी। उन्होंने बालकनी का गेट ऊपर से बंद किया था, उन्हें ये आभास था कि अगर नंदिका नींद से जागी तो वह बालकनी में आ सकती है।
इसके अलावा वह घर में टीवी पर कार्टून का चैनल भी लगाकर गई थीं कि अगर नंदिका जागी भी तो वह हॉल में आकर टीवी देख लेगी। इस बीच उनके जाने के बाद नंदिका नींद से जागी और उसने देखा कि घर में उसकी मां नहीं है तो मां को देखने के लिए उसने रसोई का गेट खोला, लेकिन वह नीचे नहीं देख पा रही थी।
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गाजियाबाद बच्ची का शव ले जाते हुए
- फोटो : अमर उजाला
मां को देखने के लिए वह कमरे कुर्सी लेकर आई और उस पर खड़ी हो गई, लेकिन इसके बावजूद वह नीचे नहीं देख पाई तो उसने कुर्सी पर ही एक प्लास्टिक का पटरी रख दी, जिस पर वह खड़ी हो गई। वह नीचे झांकने लगी और गिर गई। वह पहली मंजिल पर बनी लोहे की ग्रिल पर जाकर गिरी, जिसके बाद वह सड़क किनारे खड़ी स्कूटी पर जाकर गिरी, जिसके बाद शीशे की रॉड उसके पेट में घुस गई। इसके कारण उसकी मौत हो गई।
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बच्ची नंदिका
- फोटो : अमर उजाला
बिलखते हुए बोलीं मां, मेरी नन्हीं परी मुझे छोड़कर चली गई
परिजनों ने बताया कि छोटी बेटी नंदिका अपनी मां शिखा की घर में सबसे लाडली थी। नंदिका के पिता उसका शव लेकर घर पहुंचे तो शिखा नंदिका से लिपटकर रोई। रोते हुए कहा कि नंदिका ही उसकी नन्हीं परी है, जोकि उसे अब छोड़कर चली गई। बिलखते हुए मां बोली कि नंदिका तुम लौटकर आ जाओ। वहीं, बेटी की मौत के बाद पिता वैभव गुमसुम हो गए। पड़ोसियों ने ढांढस बंधाया। बिल्डर की लापरवाही भी बनी नंदिका की मौत का काल परिवार व सोसायटी के लोगों का कहना है कि नंदिका की मौत की वजह बिल्डर भी है। उन्होंने बताया कि बिल्डर ने सोसायटी में केवल तीन फिट तक की लोहे की ग्रिल लगवा रखी है। जबकि बिल्डर को हाईराइज बिल्डिंग में चार से पांच फीट की ग्रिल लगवानी चाहिए। इससे बच्चे सुरक्षित रहेंगे और इस तरह से हादसों का शिकार नहीं होंगे।