फरीदाबाद के पाली क्रेशर जोन में पड़ोसी युवक ने पांच साल की बच्ची से दुष्कर्म किया। बच्ची अस्पताल में उपचाराधीन है। मां की शिकायत पर डबुआ थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट में केस दर्ज कर लिया है। पुलिस आरोपी की तलाश कर रही है। वहीं तीन-चार लोगों को हिरासत में लिया है।
पांच साल की बच्ची से दरिंदगी: बात करना तो दूर रो भी नहीं पा रही मासूम, ऐसे बताया था आरोपी का नाम
नाजुक हालत में है बच्ची
रेप पीड़ित बच्ची को सोमवार देर बीके नागरिक अस्पताल में भर्ती किया गया। बच्ची की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। वह रोने व कुछ बोलने में असमर्थ है। ऐसे में डॉक्टर 24 घंटे उसकी हालत पर नजर बनाए हुए हैं। अस्पताल प्रधान चिकित्सा अधिकारी डॉ सविता यादव ने बताया कि मात्र पांच वर्षीय बच्ची के साथ यह घटना हुई। ऐसे में उसे बेहद संवेदनशील तरीके से संभाला जा रहा है। मामले में प्रबंधन व स्त्री रोग विशेषज्ञ की टीम लगातार अपडेट ले रहे हैँ। इसमें कई मेडिकल पहलुओं को देखते हुए उपचार किया जा रहा है। बच्ची की हालत फिलहाल नाजुक है। वह अपने साथ हुई घटना से उभर नहीं पा रही।
महिलाओं के खिलाफ नहीं थम रहे अपराध (पुलिस के अनुसार)
साल दुष्कर्म छेड़छाड़ यौन उत्पीड़न
2020 157 240 102
2021 135 184 129
2022 28 52 21
अब तक कई छात्राएं दे चुकी जान
पिछले दिनों सेक्टर-3 में छेड़छाड़ से तंग आकर 12वीं की छात्रा ने 23 फरवरी को जान दे दी थी। पड़ोस में रहने वाला एक युवक दो माह से उसे परेशान कर रहा था। दोस्ती करने से मना करने पर आरोपी फोन पर उसे धमकी देता था। मामले में परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। दूसरे मामले में सामूहिक दुष्कर्म के आरोपियों को जमानत मिली तो पीड़िता ने न्याय मिलने की उम्मीद ही छोड़ दी थी। दुखी पीड़िता ने जान दे दी थी। तीन दिन पहले एक छात्रा से दुष्कर्म का मामला आया था।
कोई करें परेशान तो बेझिझक करें शिकायत
छात्राओं को स्कूल-कॉलेज जाने के दौरान या किसी अन्य जगह पर कोई युवक परेशान करता है तो वह इसकी शिकायत बेझिझक कर सकती हैं। यौन शोषण या अन्य महिला विरुद्ध अपराध की शिकायत स्पेशल वूमेन हेल्पलाइन नंबर 1091 पर की जा सकती है। इसके अलावा पुलिस कंट्रोल रूम नंबर 100 व 112 पर भी शिकायत कर सकते हैं।
परिजन बच्चों की करें ज्यादा देखरेख
यह बेहद दुखद घटना है। इस तरह के लोग मानसिक विकृति से परेशान होते हैं या नशे की लत में पड़े होते है। ऐसे लोग एंटी डिसऑर्डर का शिकार होते हैं। यह लोग परिजनों की ज्यादा सुनते नहीं हैं। पढ़ाई-लिखाई से ज्यादा मतलब नहीं रखते हैं। इससे बचाव के लिए लोगों को अपने बच्चों की ज्यादा देखरेख करनी चाहिए। बच्चों को छूने के भाव की जानकारी देनी चाहिए।- डॉ. अंकुर, मनोचिकित्सक, ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल