शाहदरा जिले के दिलशाद गार्डन में बुधवार सुबह बेहद रहस्यमय हालात में पीजी मेडिकल छात्र डॉ. शरत प्रभु (28) की मौत हो गई। यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंसेज (यूसीएमएस) जीटीबी अस्पताल से एमडी कर रहे शरत का शव बुधवार सुबह बाथरूम में मिला। साथ रहने वाले डॉक्टरों ने पुलिस व अन्य लोगों को सूचना दी। शव पास से एक और उसके कमरे से दो खाली सीरिंज मिली हैं। आशंका है कि मौत से पूर्व शरत ने कोई इंजेक्शन लिया था।
2 of 6
sharath prabhu
- फोटो : facebook
पुलिस के मुताबिक, मूल रूप से त्रिपुर, कोयंबटूर, तमिलनाडु निवासी डॉक्टर शरत प्रभु दो साथी डॉक्टरों के साथ बी-24/एफ-2 डीडीए फ्लैट में किराए पर रहता था। इसके साथ डॉ. कार्तिक व अरविंद अलग-अलग रूम में रहते हैं। 2017 में कोयंबटूर के कॉलेज से एमबीबीएस करने के बाद शरत ने मई 2017 में यूसीएमएस कॉलेज में पीजी (एमडी मेडिसिन) में दाखिला लिया।
3 of 6
sharath prabhu
- फोटो : facebook
रोज क्लास और अस्पताल से ड्यूटी कर शरत शाम पांच बजे घर पहुंच जाता था। मंगलवार रात करीब 11 बजे उसने दोनों साथियों के साथ खाना खाया। बाद में सभी अपने-अपने रूम में चले गए। सुबह करीब 7:30 बजे शरत के साथी डॉक्टर ने उसे बाथरूम में पड़ा देखा। जांच करने पर पता चला कि शरत की मौत हो चुकी थी। सूचना पर पहुंची पुलिस को शरत के शव के पास से एक सीरिंज मिली। उसके कमरे से ऐसी ही दो अन्य सीरिंज मिलीं।
4 of 6
sharath prabhu
- फोटो : facebook
पुलिस ने तीनों सीरिंज जांच के लिए भेजी हैं। क्राइम टीम ने मौके से साक्ष्य उठाए। शाम को सीएफएसएल टीम भी फ्लैट पर पहुंच गई। शव पोस्टमार्टम के लिए जीटीबी अस्पताल की मोर्चरी भेजा गया है। देर शाम तमिलनाडु से उसका परिवार भी दिल्ली पहुंच गया। पुलिस परिवार व शरत के दोस्तों से पूछताछ कर रही है। शरत के शरीर पर इंजेक्शन के निशान मिले हैं।
रात 10:30 पर की थी परिजनों से बात
शरत के एक रिश्तेदार ने बताया कि मंगलवार शाम ड्यूटी से लौटकर शरत सो गया था। रात में उठकर उसने 10:30 बजे परिजनों से फोन पर बातचीत की थी। उसने माता-पिता से दिल्ली में मन लग जाने की बात भी कही थी। रिश्तेदार ने बताया कि शुरुआत में उसका दिल्ली में मन नहीं लग रहा था। शरत के पिता सिल्वामणी का तमिलनाडु के त्रिपुर में कपड़ों का कारोबार है। शरत की मां और बहन का रोते-रोते बुरा हाल है।