दिल्ली सरकार का मानना है कि सरकारी कॉलोनियों के पुनर्विकास प्रोजेक्ट निर्माण में परियोजना प्रस्तावक कंपनी एनबीसी नियमों की अनदेखी कर रही है। ऐसे में सरकार पूरे प्रोजेक्ट की डीपीआर व अलग-अलग मंत्रालयों से मिली मंजूरियों की समीक्षा करना चाहती है।
दिल्ली सरकार के पर्यावरण मंत्री इमरान हुसैन ने केंद्रीय मंत्री हर्षवर्धन व हरदीप सिंह पुरी से पत्र लिख गुजारिश की है कि संबंधित दस्तावेज उन्हें मुहैया कराई जाए। इमरान हुसैन ने लिखा है कि पुनर्विकास प्रोजेक्ट में बड़े पैमाने पर पेड़ काटे जाने हैं।
इसके खिलाफ आम लोगों में काफी नाराजगी दिख रही है। वहीं, जानकारी मिली है कि परियोजना प्रस्ताव एजेंसी को पेड़ काटने की इजाजत देने की प्रक्रिया में कई नियमों को उल्लंघन किया गया है।
मसलन, एनजीटी के उस निर्देश को नजरअंदाज किया जा रहा है, जिसमें पेड़ काटने से पहले पौधे लगाने की बात कही गयी है। वहीं, दिल्ली सरकार ने इजाजत के दौरान जो जरूरी प्रावधान करने को कहा गया था, उसे भी लागू नहीं किया गया है। इसके अलावा प्रोजेक्ट की इनवॉयरमेंटल क्लीयरेंस भी कानूनन नहीं ली गयी है।
इमरान हुसैन ने मंगलवार को दोनों मंत्रियों से जो दस्तावेज मुहैया कराने की गुजारिश की है, इसमें केंद्रीय वन व पर्यावरण मंत्री से मिली एनवायरेंट क्लीनियरेंस समेत दूसरी मंजूरियां, पर्यावरण प्रभाव मूल्यांकन रिपोर्ट, केंद्रीय भू-जल आयोग की रिपोर्ट समेत प्रोजेक्ट के समझौता ज्ञापन से जुड़े मसौदा हैं।
मंत्री ने लिखा है कि क्या प्रोजेक्ट सिर्फ सरकारी कर्मचारियों की आवासीय जरूरतें पूरा करेगा या इसमें कुछ व्यावसासयिक गतिविधि भी प्रस्तावित है।