एक थप्पड़ ने जिंदगी बदल दी और इस नौजवान को क्रिकेट की दुनिया का धुरंधर खिलाड़ी बना दिया। इन्होंने कुछ यूं तय किया आईपीएल तक का सफर।
हम बात कर रहे हैं, 17 अप्रैल को खेले गए आईपीएल मैच में पंजाब की तरफ से शानदार खेल का प्रदर्शन करने वाले मनन वोहरा की। पूर्व क्रिकेटर से लेकर उनके फैंस तक इसे आईपीएल सीजन की बेस्ट पारी बता रहे हैं। वोहरा ने सन राइजर्स हैदराबाद के खिलाफ 50 गेंदों पर तूफानी 95 रन बनाए थे, लेकिन मनन के कोच योगराज सिंह उनकी इस पारी से खुश नहीं है।
योगराज सिंह क्रिकेटर युवराज सिंह के पिता, मशहूर एक्टर और पूर्व क्रिकेटर हैं। योगराज सिंह मनन को तब से कोचिंग दे रहे हैं जब मनन महज 8 साल के थे। उन्होंने कहा कि मनन काफी मेहनती है। लेकिन कई बार किस्मत भी साथ देनी चाहिए। मेरी उससे रोजाना फोन पर बात होती है और अब उसकी इस पारी को ही ले लीजिए। उसने मुझे फोन किया और कहा कि सॉरी सर में टीम को जीता नहीं सका।
योगराज ने बताया कि मैंने उसे कहा कि अगर आप टीम को नहीं जीता सके तो कोई मतलब नहीं रहा इस पारी का। एक क्रिकेटर का अच्छा फिनिशर होना भी बहुत जरूरी है। योगराज सिंह ने मनन की लाइफ से जुड़ी एक बात शेयर करते हुए कहा कि एक बार मैंने उसे थप्पड़ मार दिया था। दरअसल, जब मनन बहुत छोटा था एक बार प्लास्टिक की बॉल उसकी की आंख के ऊपर लग गई और उसे खून आने लगा।
योगराज ने बताया कि खून बहने के कारण वह रोने लगा, पर मैंने उसे एक थप्पड़ जड़ा और कहा डॉक्टर के पास जाकर पट्टी कराओ और वापिस आकर बैटिंग करो। योगराज कहते हैं कि मनन चोट की वजह से कई मौकों पर नहीं खेल पाया। वर्ल्ड कप से पहले एक चोट की वजह से वह टीम में सिलेक्ट नहीं हो पाया। युवराज के साथ उसने रणजी में कई अच्छी पारियां खेली हैं। अगर थोड़ा सुधार कर लेगा तो वह देश के लिए भी खेलेगा।