वर्ल्ड अर्थराइट्स डेः हड्डी का रोग या गठिया, पढ़ लिजिए 9 भ्रांतियां
आज वर्ल्ड अर्थराइट्स डे के मौके पर हम आपको गठिया से जुड़ी 9 ऐसी भ्रांतियों के बारे में बता रहे हैं, जिन्हें आप नहीं जानते होंगे। रिपोर्टः आशीष वर्मा, चंडीगढ़
वर्ल्ड अर्थराइट्स डेः हड्डी का रोग या गठिया, पढ़ लिजिए 9 भ्रांतियां
जोड़ों में दर्द की शिकायत पर लोग क्या करते हैं? हड्डियों के डॉक्टर के पास जाते हैं। बाजार में बिकने वाले तेल का इस्तेमाल करते हैं या कभी कभार झाड़-फूंक करवाते हैं। इधर-उधर के इलाज में लोग समय बर्बाद कर देते हैं। इससे गठिया कम होने के बजाए बढ़ जाता है।
वर्ल्ड अर्थराइट्स डेः हड्डी का रोग या गठिया, पढ़ लिजिए 9 भ्रांतियां
पीजीआई के इंटरनल मेडिसिन के एसोसिएट प्रोफेसर व रियूमेटोलॉजिस्ट अमन शर्मा ने दावा किया कि गठिया के इलाज में किसी भी तेल या झाड़फूंक का कोई भी असर नहीं पड़ता। तेल तो हड्डियों तक नहीं पहुंच पाता है। ऐसे में कैसे फायदेमंद साबित हो सकता है।
वर्ल्ड अर्थराइट्स डेः हड्डी का रोग या गठिया, पढ़ लिजिए 9 भ्रांतियां
रियूमेटोलाजिस्ट तो मर्ज के लिए जिम्मेदार ब्लड में मौजूद सेल्स की पहचान कर उनका इलाज कर रहे हैं। अब तो ऐसे ट्रीटमेंट मौजूद हैं, जो गठिया को सौ प्रतिशत ठीक कर रहे हैं। दस से 15 प्रतिशत ऐसे केस हैं, जिनकी दवा थोड़ी महंगी है, लेकिन इलाज तो उपलब्ध है।
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गठिया के कई रूप हैं। कुछ गठिया ऐसे हैं, जो छह हफ्ते में ठीक हो जाता है। इस गठिया को रिएक्टिव अर्थराइटिस कहते हैं, जो इंफेक्शन की वजह से होता है। हो सकता है कि जब लोग तेल या दूसरी दवा का इस्तेमाल करते हैं और उन्हें राहत मिलती है तो उनमें रिएक्टिव अर्थराइटिस हो।