एशियन गेम्स 2018 में पहलवान विनेश फोगाट के गोल्ड मेडल जीतने पर मां प्रेमलता और ताऊ महावीर फोगाट भावुक हो गए। पढ़ें दोनों का स्पेशल इंटरव्यू...
विनेश फोगाट ने 20 अगस्त 2018 को जकार्ता और पालेमबांग में चल रहे 18वें एशियन गेम्स में भारत को गोल्ड मेडल दिलाया। विनेश ने महिलाओं की फ्रीस्टाइल 50 किग्रा वर्ग के खिताबी मुकाबले में जापान की पहलवान यूकी आयरी को से हराया। दूसरे दिन 50 किग्रा. फ्री स्टाइल में भारत की ओर से ताल ठोकते हुए फोगाट ने शानदार प्रदर्शन किया। वहीं विनेश की इस जीत के बाद परिवार में खुशी और भावुकता का माहौल है। घर में नाच गाना और जश्न का माहौल चल रहा है।
बेटी की उपलब्धि पर मां की आंखों में आ गए आंसू
बेटी विनेश फोगाट की उपलब्धि पर मां प्रेमलता की आंखों में आंसू आ गए। आंसू पूछते हुए उनकी मां कहती हैं कि बेटी को ताऊ महावीर फौगाट की हिम्मत ने बल दिया और गोल्ड जीतकर ताऊ और परिवार को ऊंचाइयों पर पहुंचाया है। विनेश के पिता की मौत होने के बाद एक बार तो वह टूट चुकी थी कि छोटे बच्चों का कैसे गुजारा कर पाऊंगी। महावीर जी ने हिम्मत दी और मेरी बेटी ने उनके नक्शेकदम पर चलते हुए गोल्ड जीतकर सिर ऊंचा कर दिया है। मुझे अपनी बेटी पर गर्व है।
विनेश फोगाट द्रोणाचार्य अवार्ड विजेता महावीर फोगाट की भतीजी और इंटरनेशनल पहलवान गीता फोगाट की चचेरी हैं, तो इस मौके पर महावीर फोगाट और गीता फोगाट दोनों ने ट्वीट करके विनेश को बधाई दी। महावीर फोगाट ने तो ट्वीट करके बड़ी बात कही। उन्होंने कहा कि वाह विनेश फोगाट जीत लिया तनै गोल्ड और दिल। महावीर, भतीजी विनेश की जीत से काफी खुश हैं, पर काफी भावुक भी हैं और अपने भाई, यानी विनेश के पिता को याद करते हुए कहा विनेश बहुत बहादुर बेटी है।
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ओलंपियन पहलवान विनेश फौगाट
महावीर फोगाट ने कहा कि विनेश जब छोटी थीं, तभी उनके पिता की हत्या हो गई थी, लेकिन मैंने उसे पिता की कमी महसूस नहीं होने दी। विनेश मेरे परिवार का हिस्सा बनकर रही। इसलिए मैंने भी उसे गीता और बबीता की तरह पहलवानी सिखाई। नतीजा आज सभी के सामने है कि रियो ओलंपिक में चोट लगने के बावजूद विनेश का जज्बा कम नहीं हुआ। उसने हिम्मत नहीं हारी, वह फिर से खड़ी हुई और मेरा सीना गर्व से चौड़ा कर दिया। मुझे अपनी इस बहादुर बेटी पर नाज है।