मां बाप ने शादी कराने से मना कर दिया तो नाबालिग युवक और युवती ने ऐसी बात कह दी कि सुनकर घरवालों और पुलिसकर्मियों के होश उड़ गए, जानिए माजरा।
घटना हरियाणा के सिरसा की है। सातवीं क्लास में पढ़ने वाले किशोर-किशोरी ने घर वालों की ही नहीं, बल्कि उनकी शादी रुकवाने पहुंची पुलिस की टीम को उलझा दिया। नाबालिग जोड़ा इस जिद पर अड़ा था कि अगर उनकी शादी नहीं करवाई तो वे दोनों नहर में कूदकर आत्महत्या कर लेंगे। ऐसे में बाल विवाह निषेध अधिकारी के सहायक और पुलिस टीम ने नाबालिग जोड़े को समझाया कि बालिग होने पर ही उनकी शादी हो सकती है।
इसके बाद भी दोनों ने अपने परिजनों से वादा लिया कि बालिग होने पर उनकी एक-दूसरे से ही शादी करवाएंगे। ऐसे में इस बाल विवाह को रुकवाने में प्रशासन को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। मौजगढ़ क्षेत्र के स्कूल में कक्षा सातवीं में एक साथ पढ़ने वाले किशोर-किशोरी के बीच प्रेम संबंध हो गए। प्रेम संबंधों के चलते एक साल बाद दोनों ने शादी करने की ठान ली।
दोनों ने अपने परिजनों को सारी बात बताते हुए शादी करवाने की जिद पकड़ ली। दोनों ने परिजनों से बोल दिया कि अगर उन्होंने उनकी शादी नहीं करवाई तो वे दोनों नहर में कूदकर आत्महत्या कर लेंगे। बच्चों की जिद ने उनके परिजनों को झुकने पर मजबूर कर दिया। परिजनों ने भी सोचा कि तीन-चार साल बाद तो शादी करनी है, चलो अभी सही। घरवालों ने किशोर-किशोरी की सगाई करके 16 जून को शादी की तारीख तय कर दी।
दोनों परिवारों में शुक्रवार को शहनाइयां बज रही थीं। घर में महिलाएं शादी के गीत गा रही थीं और छोटे बच्चे फिल्मी गीतों पर डांस करने में मशगूल थे। इसी बीच दोपहर करीब 12 बजे बाल विवाह निषेध अधिकारी के सहायक तरुण कुमार के मोबाइल पर किसी शख्स ने सूचना दी कि मौजगढ़ क्षेत्र में बाल विवाह होने जा रहा है। फेरे एक बजे होने हैं। तरुण कुमार ने तुरंत डबवाली सदर पुलिस को इसकी सूचना दी।