फादर्स डे के मौके पर हम आपको सुना रहे हैं एक पिता की कहानी जिसने बेटे का सपना पूरा करने को वो काम किया, जो शायद एक बाप ही कर सकता था।
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शुभम जागलान वर्ल्ड लेवल गोल्फर
बात हो रही है पानीपत के जगपाल जागलान की, जिनका 12 साल का बेटा शुभम जागलान वर्ल्ड लेवल गोल्फर है और 100 से ज्यादा टूर्नामेंट जीत चुका है। अगर उसे भारत का अगल स्टार गोल्फर कहा जाए तो गलत नहीं होगा। शायद ही कोई शुभम का नाम जानता हो, लेकिन अमीरों के शौक के खेल को मध्यमवर्गीय परिवार के इस बेटे सफलता की सीढ़ियां चढ़ने का रास्ता बनाया।
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शुभम जागलान वर्ल्ड लेवल गोल्फर
और शुभम का ये सपना पूरा हो सका, पिता जगपाल की लगन और मेहनत से। दिल्ली में गोल्फ क्लब कैंपस में 12 साल के बेटे और फैमिली के साथ रह रहे 48 साल के जगपाल जागलान मूल रूप से पानीपत के कस्बा इसराना के रहने वाले हैं। जगपाल के पिता ईश्वर सिंह जागलान बैंक में नौकरी करते थे। वह अब रिटायर हो चुके हैं, वहीं छोटे भाई जोगिंद्र अमेरिका में बड़े किसान हैं।
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शुभम जागलान वर्ल्ड लेवल गोल्फर
जगपाल पहलवान भी रह चुके हैं। उनका दूध का कारोबार था। 7 साल पहले जगपाल के बेटे शुभम को महज पांच साल की उम्र में गोल्फ का शौक लग गया। वह गली में कटोरी और डंडे के साथ खेल की प्रैक्टिस करता था। उन्हीं दिनों एक एनआरआई कपूर सिंह ने गांव के पास गोल्फ एकेडमी खोली थी। जगपाल ने बेटे शुभम को वहां भेजना शुरू कर दिया। ज्यादा बच्चे न होने के कारण 2 महीने बाद ही एकेडमी बंद हो गई।
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शुभम जागलान वर्ल्ड लेवल गोल्फर
इसके बाद बेटे के सपने को अपना सपना बना चुके जगपाल ने शुभम को रोज सुबह प्रैक्टिस के लिए मधुबन की एक एकेडमी में बस से ले जाना शुरू कर दिया। मध्यम वर्ग के परिवार और महंगा खेल होने के कारण ज्यादा बाहर नहीं जा पा रहा था, लेकिन जगपाल ने इसके लिए उन्होंने अपनी गाय-भैंस तक बेच दीं। साथ ही बाद में छोटे भाई जोगिंद्र से आर्थिक मदद ली।