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आप जो दूध पी रहे हैं, वो कहीं नकली तो नहीं...बहुत बड़े खतरे में हैं आप, ऐसे करें मिलावट की जांच
अमित शर्मा, अमर उजाला, मोहाली
Updated Fri, 14 Sep 2018 09:52 AM IST
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types of milk
आप जो दूध पी रहे हैं, वह कहीं सिंथेटिक या नकली तो नहीं। संभल जाएं, आप बहुत बड़े खतरे में हैं इसलिए असली-नकली की पहचान होना बहुत जरूरी है, ऐसे करें।
milk
फेस्टिवल सीजन शुरू होते ही दूध की डिमांड बढ़ गई है। नकली मिठाइयां, पनीर और घी बनाने वाले गिरोह भी सक्रिय हो गए हैं। दूसरी तरफ, सेहत विभाग मिलावटखोरों पर नकेल कसने के लिए लगातार अभियान चला रहा है। अब तक राज्य के कई जिलों में ऐसे नकली सामान बनाने वाले लोग पकड़े भी जा चुके हैं, जो सर्फ, पॉम ऑयल, एसिड व अन्य हानिकारक पदार्थों का इस्तेमाल कर खाद्य पदार्थ तैयार कर रहे थे। सेहत विभाग की तरफ से ऐसे लोगों के खिलाफ केस दर्ज करवाए जा रहे हैं। साथ ही उन्हें गिरफ्तार तक किया जा रहा है।
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- फोटो : डेमो
दूसरी तरफ सेहत मंत्री ब्रह्म मोहिंद्रा पहले ही साफ कर चुके हैं कि अब मिलावटखोरों को बख्शा नहीं जाएगा। तुरंत सैंपलों की रिपोर्ट लेकर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सेहत विभाग की तरफ से तंदरुस्त मुहिम के तहत रोजाना छापेमारी की जा रही है। विभाग की तरफ से अब तक 700 से ज्यादा दुग्ध उत्पादों के सैंपल लिए गए हैं। इनमें से 450 से ज्यादा सैंपल फेल हो चुके है। कुछ दिन पहले मोहाली में पकड़े गए नकली मिठाइयां व पनीर बनाने वाले गिरोह के सदस्यों ने खुलासा किया था कि उनका टारगेट छोटे दुकानदार होते हैं।
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डेमो
- फोटो : डेंमो
सस्ता होने के चलते दुकानदार खरीदते हैं इसे
मिलावटखोर कम लागत में मिलावटी सामान तैयार कर उसे सस्ते में दुकानदारों को बेचते हैं। यह सामान असली सामान की तुलना में काफी सस्ता होता है। इससे दुकानदारों को काफी फायदा होता है। बड़े फायदे के लिए दुकानदारों मिलावटी सामान खरीदते और बेचते हैं। बलौंगी पुलिस द्वारा पकड़े गिरोह से पता चला था कि वह 170 रुपये के हिसाब से मिलावटी पनीर बेचते थे जबकि मार्केट में असली पनीर 225 रुपये तक बिकता है।
मिलावटखोर कम लागत में मिलावटी सामान तैयार कर उसे सस्ते में दुकानदारों को बेचते हैं। यह सामान असली सामान की तुलना में काफी सस्ता होता है। इससे दुकानदारों को काफी फायदा होता है। बड़े फायदे के लिए दुकानदारों मिलावटी सामान खरीदते और बेचते हैं। बलौंगी पुलिस द्वारा पकड़े गिरोह से पता चला था कि वह 170 रुपये के हिसाब से मिलावटी पनीर बेचते थे जबकि मार्केट में असली पनीर 225 रुपये तक बिकता है।
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दूध चेक
- फोटो : SELF
खाना तो दूर छूने से हो सकता है इंफेक्शन
सेहत विभाग व पुलिस की जा रही चेकिंग में सामने आया है कि जिस जगह पर मिलावटी मिठाइयां व अन्य उत्पाद तैयार किए जाते हैं। वहां पर बैक्टीरियल काउंट सबसे अधिक होते हैं। ऐसे में इन मिठाइयों को खाना तो दूर छूने तक से इंफेक्शन हो सकता है।
सेहत विभाग व पुलिस की जा रही चेकिंग में सामने आया है कि जिस जगह पर मिलावटी मिठाइयां व अन्य उत्पाद तैयार किए जाते हैं। वहां पर बैक्टीरियल काउंट सबसे अधिक होते हैं। ऐसे में इन मिठाइयों को खाना तो दूर छूने तक से इंफेक्शन हो सकता है।