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जालंधर: करोड़ों रुपये के गबन और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूर्व सब-पोस्ट मास्टर दोषी, 18 महीने की सजा

Mon, 21 Sep 2026 11:05 PM IST
शाहिल शर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, जालंधर
संवाद न्यूज एजेंसी, जालंधर Published by: शाहिल शर्मा Updated Mon, 21 Sep 2026 11:05 PM IST
सार

ईडी के अनुसार, यह रकम नकदी और कई बैंक खातों के जरिए निकाली गई। जांच एजेंसी का आरोप है कि आरोपी ने अपराध से अर्जित रकम का इस्तेमाल महंगी जीवनशैली, जुए, निजी खर्चों और अचल संपत्तियों की खरीद में किया।

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Former sub-postmaster convicted in money laundering case
कोर्ट - फोटो : सांकेतिक तस्वीर

विस्तार

प्रवर्तन निदेशालय के जालंधर जोनल कार्यालय ने सार्वजनिक धन के कथित गबन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दखनी गेट, नकोदर के तत्कालीन सब-पोस्ट मास्टर संजीव कुमार की सजा सुनिश्चित की है। पीएमएलए की विशेष अदालत, मोहाली ने 14 सितंबर 2026 के फैसले में उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग के अपराध में दोषी ठहराते हुए एक साल छह माह के कठोर कारावास और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। 
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जुर्माना न भरने पर तीन महीने की अतिरिक्त कठोर कैद भुगतनी होगी। ईडी के अनुसार, यह जांच सीबीआई की एफआईआर पर हुई जो 1 फरवरी 2018, के आधार पर शुरू हुई थी। एफआईआर में दखनी गेट, नकोदर पोस्ट ऑफिस में सब-पोस्ट मास्टर के पद पर रहते हुए धोखाधड़ी, सरकारी धन के गबन और पद के कथित दुरुपयोग के आरोप लगाए गए थे। 
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ईडी की जांच के मुताबिक, संजीव कुमार ने कथित तौर पर 54 फर्जी सेविंग अकाउंट खोलकर सरकारी खजाने को करीब 3.40 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाया। इसके अलावा 41 सेविंग अकाउंट में कथित हेरफेर से 2.79 करोड़ रुपये, 51 आरडी अकाउंट में हेरफेर से 1.89 करोड़ रुपये और पीपीएफ व टर्म डिपॉजिट समेत अन्य खातों में हेरफेर के जरिए सरकारी धन की कुल करीब 8.48 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी सामने आई। 

ईडी के अनुसार, यह रकम नकदी और कई बैंक खातों के जरिए निकाली गई। जांच एजेंसी का आरोप है कि आरोपी ने अपराध से अर्जित रकम का इस्तेमाल महंगी जीवनशैली, जुए, निजी खर्चों और अचल संपत्तियों की खरीद में किया। जांच के दौरान ईडी ने करीब 42 लाख रुपये मूल्य की चल-अचल संपत्तियां 2 मार्च 2025 के प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर के तहत अटैच की थीं। 

इस अटैचमेंट की पुष्टि 20 अगस्त 2025 को हुई। ट्रायल के दौरान आरोपी ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 के प्रावधानों के तहत प्ली बारगेनिंग के जरिए मामले के निपटारे की मांग की। अदालत ने आवेदन स्वीकार करते हुए पीएमएलए की धारा-3, जो धारा-4 के तहत दंडनीय है, के तहत संजीव कुमार को दोषी ठहराया। अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि आरोपी से वसूल की गई राशि सुपरिंटेंडेंट ऑफ पोस्ट ऑफिस, कपूरथला डिवीजन के कार्यालय को दी जाएगी। साथ ही संबंधित विभाग को पीएमएलए की धारा 8(8) और संपत्ति की बहाली के नियम, 2016 के तहत अटैच संपत्ति की बहाली के लिए आवेदन करने का अधिकार दिया गया है।
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