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गिरफ्तारी सुरक्षा पर कागजी अनुपालन नहीं चलेगा: हाईकोर्ट

Tue, 22 Sep 2026 02:24 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Tue, 22 Sep 2026 02:24 AM IST
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Mere paper compliance regarding protection from arrest will not suffice: High Court
चंडीगढ़। अनावश्यक गिरफ्तारी से बचाने के निर्देशों पर सिर्फ एसओपी दिखाकर जिम्मेदारी पूरी करने पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने कड़ी फटकार लगाई है। अदालत ने पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ की ओर से दाखिल अनुपालन रिपोर्ट खारिज करते हुए कहा कि कागजों में प्रक्रिया दिखाना पर्याप्त नहीं है। अधिकारियों को यह साबित करना होगा कि गिरफ्तारी संबंधी सुरक्षा उपायों का थानों में वास्तव में पालन हो रहा है। अदालत ने तीनों क्षेत्रों से वास्तविक पुलिस रिकॉर्ड तलब करते हुए मोहाली, चंडीगढ़ और पंचकूला के तीन थाना प्रभारियों को अगली सुनवाई पर व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया है।
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अदालत ने मोहाली के फेज-1, चंडीगढ़ के सेक्टर-11 और पंचकूला के सेक्टर-5 थाने के प्रभारियों को 29 सितंबर की अगली सुनवाई पर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर रिकॉर्ड पेश करने का आदेश दिया है। मामला अनावश्यक और मनमानी गिरफ्तारी से सुरक्षा से जुड़े निर्देशों के पालन का है। ये उपाय सुप्रीम कोर्ट के अर्नेश कुमार बनाम बिहार राज्य मामले के निर्देशों से जुड़े हैं। बाद में सतेंद्र कुमार अंतिल बनाम सीबीआई मामले में भी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को गिरफ्तारी प्रक्रिया के लिए स्पष्ट व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए गए थे।
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हाईकोर्ट ने कहा कि नौ सितंबर के आदेश में केवल पहले से मौजूद एसओपी दोबारा दाखिल करने को नहीं कहा गया था। अधिकारियों को यह बताना था कि निर्देशों को वास्तविक स्तर पर कैसे लागू किया जा रहा है। अदालत ने पूछा कि क्रमांकित नोटिस पुस्तिकाएं थानों में कैसे रखी जाती हैं, जांच अधिकारियों द्वारा जारी नोटिस का रिकॉर्ड कैसे सुरक्षित रहता है और उनकी प्राप्ति का प्रमाण कैसे दर्ज किया जाता है।
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नोटिस और गिरफ्तारी का पूरा रिकॉर्ड मांगा
तीनों थाना प्रभारियों को क्रमांकित नोटिस पुस्तिका, जारी नोटिस की प्रतियां, केस डायरी में उनके रखे जाने का रिकॉर्ड, प्राप्ति के प्रमाण और वर्षवार रजिस्टर पेश करने होंगे। नोटिस जारी होने के बावजूद हुई गिरफ्तारियों की अलग सूची भी देनी होगी। इसमें गिरफ्तारी के कारण और मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश दस्तावेज शामिल होंगे। बिना नोटिस गिरफ्तारी वाले मामलों में केस फाइल, गिरफ्तारी को उचित ठहराने वाले कारण और सामग्री भी पेश करनी होगी। तीनों क्षेत्रों के पुलिस महानिदेशकों को थाना प्रभारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा नोटिस पुस्तिकाओं के संरक्षण और रिकॉर्ड नष्ट करने से जुड़े नियम पेश करने का निर्देश दिया गया है।
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