देखिए, बेटियों की बहादुरी पर क्या बोले मां-बाप?
रोडवेज बस में मनचलों की धुनाई करने वाली बेटियों के मां-बाप को जब उनकी बहादुरी के बारे में पता चला तो वे खुशी के मारे गदगद हो गए। इन वीरांगना बहनों के पिता राजेश का कहना है कि उन्होंने अपनी लड़कियों को लड़कों की तरह पाला है। कभी उन्हें यह अहसास नहीं होने दिया कि वे लड़कियां हैं। उन्होंने कहा कि हमें लड़के और लड़की में कोई फर्क नहीं समझना चाहिए। इसलिए लड़कियों की परवरिश लड़कों की तरह से करनी चाहिए। उन्हें अपनी दोनों बेटियों पर गर्व है।
देखिए, बेटियों की बहादुरी पर क्या बोले मां-बाप?
माता संतोष ने कहा कि वे उनकी लड़कियां नहीं बल्कि लड़के हैं। उन्हें आज गर्व है कि उन्होंने अपने आत्म सम्मान को बचाने के लिए इस तरह कदम उठा कर कायरता नहीं दिखायी। वे महिलाओं से आह्वान करती हैं कि वे अपनी लड़कियों को भी लड़कों की तरह से प्यार दें। आज लड़कियां किसी भी क्षेत्र में लड़कों से कम नहीं हैं। पिता राजेश ने कहा कि उनकी लड़कियों ने कभी भी उनसे कोई बात नहीं छिपाई। उनके साथ जो कुछ भी होता है वे हमें बता देती हैं। हमने भी कभी उन्हें किसी प्रकार की कमी नहीं आने दी।
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बहादुर बेटी पूजा और आरती ने कहा कि जब लड़कियों को हर मामले में बराबर होने की बात कही जा रही है, उन्हें पढ़ाई लिखाई में पीछे नहीं रखा जा रहा है तो फिर पहनावे को लेकर ही इतना बखेड़ा क्यों खड़ा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमें अपने घर में लड़कों जैसी परवरिश मिली है। उनके माता-पिता उनसे उतना ही प्यार करते हैं जितना एक लड़के से किया जाता है।
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दोनों ही बहादुर बेटियों ने महिलाओं और छात्राओं के लिए लेडीज स्पेशल बस चलाने की मांग की है। साथ ही उन्होंने समय-समय पर बस में चलने वाली महिलाओं की सुरक्षा के लिए जांच अभियान चलाने की भी मांग की है। आरती-पूजा के घर पहुंचे ग्रामीण एवं अन्य।
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चलती बस में छेड़छाड़ कर रहे तीन मनचलों को पीटने वाली बहनों को हरियाणा सरकार सम्मानित करेगी। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने सोमवार को ऐलान किया कि आगामी
गणतंत्र दिवस के मौके पर दोनों बहन पूजा और आरती को विशेष रूप से सम्मानित
करते हुए नकद पुरस्कार दिए जाएंगे।