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Death Anniversary: निजी जीवन में कुछ ऐसे थे 'रॉक लेजेंड' नेकचंद, 15 राज
amarujala.com- Presented by: खुशबू गोयल
Updated Mon, 12 Jun 2017 03:19 PM IST
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'रॉक लेजेंड' नेकचंद
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'रॉक लेजेंड' नेकचंद ने दुनिया को री-साइकिलिंग का नया आयाम सिखाया। उनकी की दूसरी डेथ एनिवर्सरी पर जानिए, उनके निजी जीवन से जुड़ी 15 खास बातें।
नेकचंद एक्सीलेंस अवार्ड
- फोटो : फाइल फोटो
एक इंसान ने कबाड़ इकट्ठा करके ऐसा खूबसूरत जहान बना दिया, जिसे दुनिया भर में सराहा गया। ये इंसान कोई और नहीं, बल्कि रॉक गार्डन के निर्माता पद्मश्री नेकचंद थे, जो दो साल पहले 12 जून 2015 को 90 साल की उम्र से दुनिया से विदा हो गए थे। रॉक गार्डन के निर्माण के लिए 1984 में पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
रॉक गार्डन चंडीगढ़ के निर्माता नेकचंद
- फोटो : फाइल फोटो
नेकचंद सैनी का जन्म 15 दिसंबर 1924 को शंकरगढ़ नामक कस्बे में हुआ था, जो अब पाकिस्तान में है। वे एक पिछड़ी जाति में जन्मे थे और उनका परिवार सब्जियां उगाकर अपना जीवनयापन करता था। 1947 में देश के विभाजन के बाद उनका परिवार भारत आकर बस गया। सन् 1951 में उन्हें राज्य सरकार में रोड इंस्पेक्टर की नौकरी मिल गई और कुछ समय बार उनका तबादला चंडीगढ़ हो गया।
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रॉक गार्डन चंडीगढ़ के निर्माता नेकचंद
- फोटो : फाइल फोटो
रॉक गार्डन नेकचंद की 18 साल की तपस्या का परिणाम है, जो केवल कूड़े और कबाड़ से बनी है। रॉक गार्डन इस समय दुनिया की सबसे खूबसूरत जगहों में से एक है और इसे देखने के लिए दुनिया भर से हर रोज करीब 5000 लोग आते हैं। बता दें कि इस गार्डन का निर्माण तीन चरणों में हुआ। पहले चरण में वह काम पूरा हुआ, जो सैनी ने दुनिया की नजरों से बचकर किया था।
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'रॉक लेजेंड' नेकचंद
दूसरे चरण का काम 1983 में समाप्त हुआ, जिसमें इस गार्डन में एक झरना, एक चैक, एक छोटा सा थियेटर, बगीचा, पथ व प्रांगण बनाये गए। इसके अलावा, वहां लगभग 5,000 छोटी-बड़ी कलाकृतियां रखी गईं जो कंक्रीट पर मिट्टी का लेप चढ़ाकर बनाई गईं थीं। तीसरे चरण में वहां कई बड़े निर्माण हुए, जिनमें मेहराबों की एक श्रृंखला शामिल थी। इन मेहराबों से झूले लटकाए गए।