डेरा सच्चा सौदा प्रमुख राम रहीम से मिलने के लिए मां और पत्नी जेल पहुंची। यहां उनकी बाबा से खुलकर बात हुई, लेकिन उसके बाद वह उदास दिखा...
दरअसल, पंजाब के बठिंडा में मौड़ मंडी हुए बम ब्लास्ट की जांच का असर अब दिखने लगा है। इस बात का अंदाजा सोमवार को सुनारिया जेल में गुरमीत राम रहीम की मां नसीब कौर, पत्नी हरजीत कौर, बेटी अमरप्रीत व दामाद सनमीत की मुलाकात से लगाया जा रहा है। परिवार वालों की मुलाकात के ठीक बाद उसके वकील एस के गर्ग नरवाना ने भी गुरमीत राम रहीम से मुलाकात की है।
चार माह बाद राम रहीम का पूरा परिवार अचानक सुनारिया जेल रोहतक पहुंचा, जहां पर सभी की करीब 20 मिनट मुलाकात हुई। जेल सूत्रों की मानें तो परिवार वालों ने बम ब्लास्ट मामले पर राम रहीम से चर्चा की है। बताया जा रहा है कि बातचीत के दौरान मां और बेटे ने बाबा से परेशान न होने की बात की। साथ ही धैर्य रखने और मामले में पूरा सहयोग करने को भी कहा।
जेल सूत्रों के मुताबिक, परिवार वालों से मिलने के बाद राम रहीम के चेहरे पर शिकन नजर आ रही थी। क्योंकि मुलाकात के लिए परिवार के आने से पहले राम रहीम ठीक था, पर उनके वापिस जाते समय काफी गुमसुम था। गौरतलब है कि एक साल पहले 31 जनवरी 2017 को पंजाब के मौड़ मंडी में कांग्रेस प्रत्याशी और गुरमीत राम रहीम के समधी हरमिंदर सिंह जस्सी की जनसभा में धमाका हुआ था।
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जेल में राम रहीम से मिलने आई मां, बेटा-बेटी और दामाद
इस धमाके में पांच मासूम बच्चों सहित सात लोगों की मौत हो गई थी। डेरामुखी के करीबी रह चुके कुछ लोगों ने धमाका कराने का आरोप राम रहीम पर लगाया है। मामले की जांच कर रही पंजाब पुलिस को उस समय शक हुआ, जब पता चला कि ब्लास्ट के दौरान 16 बार सिरसा फोन किया गया। बाद में पुलिस को यह पता चला कि ब्लास्ट में इस्तेमाल बैटरी सिरसा से खरीदी गई है।