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मां-पत्नी और बहनों ने सैल्यूट करके शहीद हरि सिंह को दी अंतिम विदाई, तस्वीरें देख भर आएंगी आंखें

Wed, 20 Feb 2019 09:07 AM IST
खुशबू गोयल प्रीतम सिंह, अमर उजाला, रेवाड़ी(हरियाणा)
प्रीतम सिंह, अमर उजाला, रेवाड़ी(हरियाणा) Published by: खुशबू गोयल Updated Wed, 20 Feb 2019 09:07 AM IST
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Pulwama Terror Attack, Pulwama Encounter, Shaheed Hari Singh Funeral in Rewari og Haryana
शहीद हरि सिंह का अंतिम संस्कार
मां-पत्नी और बहनों ने सैल्यूट करके शहीद हरि सिंह को अंतिम विदाई दी। 10 महीने के बेटे ने भी पांव छूकर पिता का आशीर्वाद लिया, उसके बाद जवान की शवयात्रा शुरू हुई, देखिए तस्वीरें।


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शहीद हरि सिंह का अंतिम संस्कार
पुलवामा में आतंकियों से मुठभेड़ में शहीद हुए जवान हरि सिंह का शव गांव पहुंचा, तो लोगों ने फूल बरसाकार श्रद्धांजलि अर्पित की। अंतिम संस्कार गांव के बाहर मुख्य रोड पर स्कूल के पास 15 वर्ष पहले शहीद हुए वेदपाल की प्रतिमा के नजदीक किया गया। इससे पहले शव घर ले जाया गया, जहां मां पत्नी और बहनों को आखिरी बार उनका चेहरा दिखाया गया। उसके बाद सभी रस्में निभाकर शहीद को अंतिम विदाई दी गई। इस दौरान पूरा गांव मौजूद रहा और लोग लगातार पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाते रहे।
 
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शहीद हरि सिंह का अंतिम संस्कार
बता दें कि जम्मू-कश्मीर के पुलवामा क्षेत्र में आतंकियों के साथ मुठभेड़ में वीरों की धरती हरियाणा के रेवाड़ी जिले के गांव राजगढ़ निवासी सेवा मेडल से सम्मानित हरि सिंह (28) भी शहीद हो गए। वह एक माह पूर्व छुट्टी बिताकर ड्यूटी पर लौटे थे। हरि सिंह का जन्म 15 अगस्त 1993 को हुआ था। वह वर्ष 2011 में 55-राष्ट्रीय राइफल में भर्ती हुए थे। हरि सिंह चार भाई-बहनों में तीसरे नंबर के थे। वह परिवार में इकलौते कमाने वाले थे। घर में उनकी मां के अलावा पत्नी और एक दस माह का बेटा है।
 
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शहीद हरि सिंह का अंतिम संस्कार
हरि सिंह अप्रैल 2011 में राष्ट्रीय राइफल में भर्ती हुए थे। वह इन दिनों जम्मू-कश्मीर में 20 ग्रेनेडियर बटालियन में बतौर सिपाही तैनात थे। रविवार को हरि सिंह की अपनी पत्नी राधा से बातचीत हुई थी। उन्होंने कहा था कि यहां हालात बहुत खराब हैं। अपने 40 भाइयों की शहादत का बदला लेकर जल्द घर आऊंगा, लेकिन सोमवार सुबह सेना ने उनकी शहादत की सूचना भेज दी। बावल उपमंडल के ग्रामीणों को जैसे ही हरि सिंह के शहीद होने की खबर मिली सभी की आंखें नम हो गईं।
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शहीद हरि सिंह का अंतिम संस्कार
हरि सिंह के चचेरे भाई रणजीत ने बताया कि वह एक माह पूर्व ही छुट्टी बिताकर ड्यूटी लौटे थे। शहीद हरि सिंह चार भाई-बहनों में तीसरे नंबर के थे। परिवार में इकलौते कमाने वाले थे। अब घर में उनकी मां के अलावा पत्नी और बेटा है। शहीद हरि सिंह के पिता अगड़ी सिंह भी सेना में थे। सेवानिवृत्त के बाद उन्होंने बेटे को भी सेना में भर्ती कराने के लिए अभ्यास कराया। अगड़ी सिंह देश सेवा के अलावा समाज सुधार के कार्यों में भी आगे रहते थे।
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