पिता की मौत के बाद मां को नौकरी मिली। मां की हत्या कर दी गई तो नौकरी बेटी को मिल गई, लेकिन अब बेटी फंदे पर झूली तो बवाल हो गया।
कांस्टेबल अमनप्रीत कौर द्वारा लुधियाना के थाना जोधा के मुंशी निर्भय सिंह द्वारा परेशान किए जाने के बाद फंदा लगाकर आत्महत्या करने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। आत्महत्या के दूसरे दिन रविवार को प्रदर्शनकारी फिर से जुट गए। पहले तो प्रदर्शनकारियों ने उस एंबुलेंस का घेराव कर दिया, जिसमें अमनप्रीत कौर का शव था। प्रदर्शनकारियों ने उसे तोड़ने की कोशिश की। पहले तो प्रदर्शनकारी पोस्टमार्टम के लिए तैयार नहीं थे।
इसके बाद जब तीन डॉक्टरों पर आधारित बोर्ड ने पोस्टमार्टम किया तो प्रदर्शनकारी पोस्टमार्टम की वीडियो सीडी मांगने लगे। जब प्रदर्शनकारियों को सीडी नहीं मिली तो उन्होंने सुधार सिविल अस्पताल की एसएमओ के दफ्तर का दरवाजा उखाड़ दिया और अस्पताल में तोड़फोड़ की। वहां मौजूद पुलिस कर्मचारियों ने किसी तरह से प्रदर्शनकारियों को हटाया। डीआईजी गुरप्रीत सिंह तूर और एसएसपी सुरजीत सिंह ने सीडी दिलाने का आश्वासन देकर प्रदर्शनकारियों को शांत किया।
प्रदर्शनकारियों ने रविवार सुबह 10 बजे ही बठिंडा लुधियाना हाईवे जाम कर दिया और किसी भी वाहन को निकलने नहीं दिया। प्रदर्शनकारियों के डर से पुलिस ने भी अपने वाहन उनसे दूर ही खड़े कर रखे थे। इसके अलावा प्रदर्शनकारी थाना जोधा में तैनात मुंशी निर्भय सिंह की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े रहे। पुलिस उन्हें आश्वासन देती रही कि वह निर्भय सिंह को जल्द ही गिरफ्तार कर लेगी।
जानकारी के अनुसार करतार सिंह सराभा मैमोरियल अस्पताल से रविवार सुबह एंबुलेंस के जरिए कांस्टेबल अमनप्रीत कौर का शव सुधार के सिविल अस्पताल ले जाया गया। जहां पहले से ही मौजूद लोगों ने एंबुलेंस को घेर लिया और शव अंदर नहीं जाने दिया। उन्होंने एंबुलेंस में तोड़ फोड़ करने की कोशिश की, लेकिन किसी तरह से पुलिस ने वहां से गाड़ी भगाई और मोर्चरी तक ले गए। लोग भी उनके पीछे मोर्चरी तक गए।