ये कल्पना भी कर पाना मुश्किल है कि उस मां पर क्या गुज़री होगी, जिसका बच्चा लापरवाही की भेंट चढ़ गया। ये तो लापरवाही की इंतहा है...
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Fatehabad News
- फोटो : अमर उजाला
हरियाणा के टोहाना के पिरथला गांव के डिलीवरी हट में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के कर्मचारियों की लापरवाही के कारण नवजात बच्चे की मौत हो गई। डिलीवरी के दौरान लाइट जाने पर बाइक और मोमबत्ती की रोशनी में डिलीवरी करनी पड़ी और नवजात को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा।
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टोहाना के पिरथला पीएचसी में हुई नवजात की मौत मामले में जानकारी देता बच्चे का मामा।
इस बात को लेकर परिजनों और ग्रामीणों में सरकार एवं प्रशासन के खिलाफ रोष बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि पीएचसी में एंबुलेंस और बिजली की समस्या को लेकर कई बार विधायक एवं अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है। इस कारण यह समस्या गंभीर होती जा रही है। महिला के भाई संदीप ने बताया कि वर्ष 2007 में उसकी 36 वर्षीय बहन मनजीत का विवाह पंजाब के संगरूर जिले के गांव घम्मूरघाट निवासी रणजीत से हुआ था। बीती रात उसकी डिलीवरी होनी थी।
जिसके बाद उसके परिजन उसकी बहन को पिरथला में ले आए और शुक्रवार को वे उसकी बहन को गांव की पीएचसी में ले आए। शुक्रवार रात उसकी बहन को लेबर पेन शुरू हो गया। उस समय लाइट जाने और पीएचसी का इन्वर्टर फेल होने पर बाइकों व मोमबत्ती की रोशनी में डिलीवरी कराई गई। डिलीवरी के बाद बच्चो रोया नहीं, जिस पर उसे अस्पताल लेकर जाना था, लेकिन पीएचसी में कोई एंबुलेंस नहीं थी। जब तक टोहाना से एंबुलेंस आई तब तक बच्चे की मौत हो चुकी थी।
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नवजात की मौत मामले में जानकारी देता बच्चे का मामा।
उन्होंने बताया कि पीएचसी में बिजली व एंबुलेंस न होने से यह हादसा हुआ है। इन दोनों समस्या को लेकर ग्रामीण सुभाष बराला एवं बडे़ अधिकारियों को अवगत करवा चुके हैं, लेकिन समस्या का कोई हल नहीं हो पाया है। अस्पताल की स्टाफ नर्स हरमीत ने बताया कि इन्वर्टर न चलने के कारण बाइक की लाइट में डिलीवरी हुई है। बच्चे की माता ठीक है, लेकिन जन्म के बाद बच्चा नहीं रोया, अगर एंबुलेंस मौके पर होती तो बच्चा बच सकता था। रात के समय कमलेश स्टाफ नर्स ड्यूटी पर थी।