भारत-पाकिस्तान बंटवारे के समय इधर और उधर कैसा माहौल था, पंजाब के सीएम की जुबानी पढ़िए और महसूस कीजिए...
भारत-पाक बंटवारे पर अमृतसर में बना दुनिया का पहला म्यूजियम देखकर मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह वीरवार को भावुक हो उठे। बचपन में लौट गए। बताने लगे कि वो शिमला पढ़ते थे, घर (पटियाला) ट्रेन से लौट रहे थे। एक जगह ट्रेन रुकी।
उन्होंने देखा कि बाहर कई लोगों की लाशें पड़ी हैं। किसी ने बताया कि भारत-पाक विभाजन के समय दंगा हो गया है जिससे मारकाट शुरू हो गई है।
यह देख मेरा मन बहुत दुखी हुआ। आज जब मुझे यहां आने का मौका मिला तभी से मेरे दिमाग में वो घटना घूम रही है। यह कहते हुए कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अपनी मां महिंदर कौर को याद करते हुए कहा कि मेरी मां ने कई शरणार्थी लड़कियों को उनके घरों तक पहुंचाया था।
कई ऐसे परिवार थे जो भारत से पाक और पाक से भारत नहीं आना चाहते थे, लेकिन दोनों मुल्कों के विभाजन ने उन्हें मजबूर कर दिया।