संत निरंकारी मिशन की पहली महिला प्रमुख सविंदर हरदेव के गद्दी त्यागने का सच सामने आया है। अब बेटी सुदीक्षा मिशन की दूसरी महिला गुरु बन गई हैं।
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निरंकारी मिशन की पहली महिला प्रमुख सविंदर कौर
- फोटो : अमर उजाला
जानकारी के मुताबिक, माता सविंदर हरदेव का स्वास्थ्य ठीक नहीं रहता। इस वजह से वह मिशन की गतिविधियों में नियमित तौर पर हिस्सा नहीं ले पा रहीं। हालातों को देखते हुए उन्हीं के आदेश पर 16 जुलाई को बेटी सुदीक्षा को सतगुरु बनाने की घोषण की गई थी। 17 जुलाई को दिल्ली में बुराड़ी स्थित निरंकारी आध्यात्मिक स्थल पर आयोजित समागम में सुदीक्षा ने औपचारिक रूप से पद संभाल लिया है।
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निरंकारी मिशन की नई प्रमुख माता सविंदर कौर
- फोटो : अमर उजाला
मिशन की दूसरी महिला गुरु 33 वर्षीय सुदीक्षा के पति अवनीश सेतिया की भी कनाडा में बाबा हरदेव सिंह के साथ सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। उस दौरान भी सुदीक्षा को मिशन का गुरु बनाने की चर्चा जोरों से चली थी, लेकिन परिजनों में सहमति नहीं बनने के चलते हरदेव सिंह की पत्नी सविंदर हरदेव महाराज को मिशन का गुरु बनने का निर्णय लिया।
सविंदर हरदेव पिछले दो साल से मिशन की गुरु थीं। बाबा हरदेव सिंह का कोई पुत्र नहीं है, उनकी तीन पुत्रियां है, जिनमें सुदीक्षा सबसे छोटी हैं। सूत्रों के अनुसार, पिता और पति की मृत्यु के बाद से ही सुदीक्षा मिशन की गतिविधियों में काफी सक्रिय हैं। इसी कारण उनको गुरु बनाने का फैसला लिया गया।
बता दें कि अमेरिका स्थित मानवता के बहुपक्षीय तथा विश्व स्तरीय विकास को समर्पित संस्था 'वी केयर फॉर ह्युमनिटी' द्वारा निरंकारी मिशन की पूर्व सतगुरु माता सविंदर हरदेव को साल 2018 के सर्वश्रेष्ठ आध्यात्मिक विभूति अवॉर्ड से सम्मानित किया जाएगा। वर्ष 2017 का यह अवॉर्ड बाबा हरदेव सिंह जी के नाम से मिशन को प्राप्त हुआ था।