{"_id":"593e216f4f1c1b3e5b8b459a","slug":"nekchand-wonderland-rock-garden-chandigarh-photos","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"देखिए कबाड़ और ‘पत्थरों’ से जंगल में बना नेकचंद का खूबसूरत 'वंडरलैंड', 10 बातें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
देखिए कबाड़ और ‘पत्थरों’ से जंगल में बना नेकचंद का खूबसूरत 'वंडरलैंड', 10 बातें
amarujala.com- Presented by: खुशबू गोयल
Updated Mon, 12 Jun 2017 03:19 PM IST
विज्ञापन
रॉक गार्डन चंडीगढ़ के निर्माता नेकचंद
- फोटो : फाइल फोटो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एक शख्स ने, 18 साल में जंगल में कबाड़ और ‘पत्थरों’ से एक ऐसा 'वंडरलैंड' बना दिया जो आज वर्ल्ड फेमस है और दूर दूर से लोग उसे निहारने आते हैं।
रॉक गार्डन चंडीगढ़ के निर्माता नेकचंद
- फोटो : फाइल फोटो
चंडीगढ़ में सेक्टर 1 स्थित रॉक गार्डन के निर्माता नेकचंद की आज दूसरी डेथ एनिवर्सिरी है। 12 जून 2015 को 90 साल की उम्र से दुनिया से विदा हो गए थे। रॉक गार्डन के निर्माण के लिए 1984 में पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। रॉक गार्डन इस समय दुनिया की सबसे खूबसूरत जगहों में से एक है और इसे देखने के लिए दुनिया भर से हर रोज करीब 5000 लोग आते हैं।
रॉक गार्डन चंडीगढ़ के निर्माता नेकचंद
- फोटो : फाइल फोटो
नेकचंद सैनी का जन्म 15 दिसंबर 1924 को शंकरगढ़ नामक कस्बे में हुआ था, जो अब पाकिस्तान में है। वे एक पिछड़ी जाति में जन्मे थे और उनका परिवार सब्जियां उगाकर अपना जीवनयापन करता था। 1947 में देश के विभाजन के बाद उनका परिवार भारत आकर बस गया। सन् 1951 में उन्हें राज्य सरकार में रोड इंस्पेक्टर की नौकरी मिल गई और कुछ समय बार उनका तबादला चंडीगढ़ हो गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
रॉक गार्डन चंडीगढ़ के निर्माता नेकचंद
- फोटो : फाइल फोटो
बता दें कि इस गार्डन का निर्माण तीन चरणों में हुआ। पहले चरण में वह काम पूरा हुआ, जो सैनी ने दुनिया की नजरों से बचकर किया था। दूसरे चरण का काम 1983 में समाप्त हुआ, जिसमें इस गार्डन में एक झरना, एक चैक, एक छोटा सा थियेटर, बगीचा, पथ व प्रांगण बनाये गए। इसके अलावा, वहां लगभग 5,000 छोटी-बड़ी कलाकृतियां रखी गईं जो कंक्रीट पर मिट्टी का लेप चढ़ाकर बनाई गईं थीं।
विज्ञापन
रॉक गार्डन चंडीगढ़ के निर्माता नेकचंद
- फोटो : फाइल फोटो
तीसरे चरण में वहां कई बड़े निर्माण हुए, जिनमें मेहराबों की एक श्रृंखला शामिल थी। इन मेहराबों से झूले लटकाए गए। इसके अलावा, मूर्तियों के प्रदर्शन के लिए एक मंडप, एक मछलीघर और खुले आसमान के नीचे एक थियेटर भी बनाया गया। सैनी ने 1993 और 1995 के बीच केरल के पलक्कड़ जिले में डेढ़ एकड़ का एक छोटा रॉक गार्डन भी बनाया।