अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्यास की घोषणा करने वाले महेंद्र सिंह धोनी का चंडीगढ़ और मोहाली से बेहद खास कनेक्शन रहा। आइए किस्सों पर डालते हैं एक नजर...
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महेंद्र सिंह धोनी
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महेंद्र सिंह धोनी के लिए सेक्टर-16 क्रिकेट स्टेडियम उनकी किस्मत बदलने वाला रहा। यहां खेले गए रणजी मैच ने पाकिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए भारतीय टीम में उनकी वापसी कराई। इस रणजी मैच में झारखंड की ओर से हरियाणा के खिलाफ धोनी ने 75 गेंदों पर 109 रन बनाए थे, जिसमें 13 चौके पर छह छक्के शामिल थे। इसके बाद वह सफलता की सीढ़ियां चढ़ते गए।
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एमएस धोनी
- फोटो : social media
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के सभी फॉरमेट से संन्यास की घोषणा करने वाले टीम इंडिया के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने 2005 में सेक्टर-16 क्रिकेट स्टेडियम में हरियाणा और झारखंड की टीमों के बीच रणजी ट्राफी का मुकाबला खेला था। इसमें धोनी का प्रदर्शन देखने के बाद चयनकर्ता को यह अनुमान हो गया था कि वह एक दिन भारतीय टीम का सितारा बनकर उभरेंगे।
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एमएस धोनी
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इतना ही नहीं, साल 2007 में जब पहली बार धोनी को 50 ओवर वनडे फॉरमेट में टीम इंडिया की कमान संभालने का मौका मिला था। तब हुई सीरीज में एक मैच की मेजबानी सेक्टर-16 स्टेडियम ने की थी। इस मैच में टीम इंडिया ने धोनी की अगुवाई में जीत हासिल की थी। बतौर कप्तान 50 ओवर वनडे फॉरमेट में धोनी की यह पहली जीत थी।
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एमएस धोनी
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महेंद्र सिंह धोनी पहले ऐसे भारतीय थे, जिन्होंने पीसीए स्टेडियम मोहाली में शतक बनाया। 2013 में आस्ट्रेलिया के खिलाफ तीसरे वनडे अंतरराष्ट्रीय मैच में महेंद्र धोनी ने नाबाद 139 रन बनाए थे। इस तरह धोनी का पीसीए स्टेडियम से गहरा नाता रहा है। वर्ल्ड कप की सबसे बड़ी जीत भी यहीं पर हुई थी। पीसीए स्टेडियम में 2011 का वर्ल्ड कप सेमीफाइनल मैच भारत और पाकिस्तान के बीच खेला गया था। इस मैच को देखने भारत और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री आए थे।