मिलिए ब्रेव डॉटर ऑफ इंडिया से। इस बेटी पर न केवल उसके पिता को, बल्कि पूरे गांव, जिले, प्रदेश और देश भर को गर्व है। ऐसी बेटी के होने पर आप भी गर्व करेंगे।
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ब्रेव डॉटर ऑफ इंडिया सतवीर कौर
ये बहादुर बेटी है, पंजाब के बठिंडा जिले के गांव काहन सिंह वाला निवासी रूप सिंह की। नाम है सतवीर कौर। सतवीर के जज्बे को देखकर एकबारगी फिल्म ‘मदर इंडिया’ में नरगिस का रोल जेहन में ताजा हो जाता है। फर्क सिर्फ इतना है कि हल खींचतीं नरगिस को खेती में दोनों बेटे मदद करते हैं, जबकि सतवीर को उसके पिता। सतवीर गले में हल बांधकर खींचती है और पिता खेत जोतते हैं। जबकि छोटी बहन जश्नदीप साइकिल पर दूध बेचने जाती है।
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ब्रेव डॉटर ऑफ इंडिया सतवीर कौर
रूप सिंह की पांच बेटियां हैं। सतवीर सबसे बड़ी है और अपने पिता के साथ मिलकर दो बहनों की शादी कर चुकी हैं और दो बहनों को पढ़ा रही है। सतवीर खुद भी बीए सेकेंड ईयर की स्टूडेंट है। खेती बाड़ी करके और दूध बेचकर अपनी और बहनों की पढ़ाई का खर्च निकालती है। सतवीर पिछले आठ वर्षों से अपने पिता रूप सिंह के साथ खेतीबाड़ी कर रही हैं। एक पंजाबी शायर ने लिखा है ‘पुत्तर बटवाएं जमीन, धी बटवाएं दुख’। इसी को चरितार्थ कर रही सतवीर कौर।
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ब्रेव डॉटर ऑफ इंडिया सतवीर कौर
सतवीर खुद बताती हैं कि परिवार के पास खेती योग्य ज्यादा जमीन न होने के कारण उसने आठ वर्ष पहले ठान लिया था कि वह अपने पिता के साथ खेतीबाड़ी कर परिवार का पेट पालेगी। अब वह हर साल 14 कनाल जमीन को ठेके पर लेकर किराए के संसाधनों से खेती करते है। उसके पिता बुजुर्ग होने के कारण फसल को पानी देने के लिए जनरेटर नहीं चला पाते थे अब वह खुद जेनरेटर चलाकर फसल को पानी लगाती हैं।
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ब्रेव डॉटर ऑफ इंडिया सतवीर कौर
सतवीर ने बताया कि बार्डर फिल्म देखते समय पिता ने कहा था कि अगर उनका एक बेटा होता तो उसे फौज में भर्ती करवाते। जिस समय उसके पिता के मुंह से यह लफ्ज निकले उसने उसी समय सोच लिया था कि वह हर हालत में अपने पिता का सपना सच करेगी और एक दिन बीएसएफ में भर्ती होकर बार्डर पर जाकर दुश्मनों के दांत खट्टे करेगी। मुफलिसी ने रूप सिंह की बेटियों को परिवार चलाने का नया जज्बा दिया। सतवीर कौर का जज्बा दिल को छू जाता है।