जब से केन्द्र सरकार द्वारा 500 व 1000 के नोट बदलने संबंधी आर्डिनैंस जारी किया है तब से हजारों की संख्या में लोग विभिन्न बैंकों व ए.टी.एम. के सामने लंबी कतारों में खड़े होकर कई प्रकार की समस्याओं से जूझ रहे हैं। समस्याएं सिर्फ आम जनता को ही नहीं आ रही बल्कि बैंकों से जुड़े अधिकारी व कर्मचारी भी कई प्रकार की समस्याओं से जूझ रहे हैं।
उक्त शब्द आम आदमी पार्टी की राष्ट्रीय परिषद के सदस्य एडवोकेट नवीन जैरथ ने प्रैस व मीडिया को जानकारी देते हुए कहे। उन्होंने बताया कि उनके साथ पार्टी से जुड़े सीनियर नेताओं व वलंटियर्स सर्वश्री खरैती लाल कतना, संदीप सैनी, हरपाल लाडा, बलविंदर कतना, दलजीत कुमार, नवप्रीत सिंह, अजैब सिंह, धनविंदर सिंह इत्यादि ने आज शहर व आस पाल लगते कई गांवों के विभिन्न बैंकों के सामने लगी लंबी कतारों में खड़े लोगों व बैंक अधिकारीयों से बातचीत कर उनको पेश आ रही समस्याओं के बारे में जानकारी प्राप्त की।
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नोटबंदी का असर
- फोटो : अमर उजाला
जैरथ ने कहा कि सभी बैंकों के आगे आम जनता के सामने सबसे बड़ी समस्या यह है कि वहां महिलाओं व सीनियर सिटिजन के लिए अलग से कतारें नहीं लगवाई जा रही जिसके चलते सबसे ज्यादा समस्याएं महिलाओं व सीनियर सिटिजन को ही आ रही हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें कतारों में कई सीनियर सिटिजन 82-84 वर्ष की आयु के मिले जिन्होंने बताया कि वह कई प्रकार की बिमारीयों से पीड़ित हैं लेकिन फिर भी कई घंटे लगातार कतारों में खड़े रहने के बावजूद उन्हें यह कहकर लौटा दिया जाता है कि बैंक में कैश खत्म हो गया है।
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नोटबंदी का असर
- फोटो : अमर उजाला
जैरथ व अन्य आप नेताओं ने कहा कि कोई भी ईमानदार व्यक्ति सरकार की इस नोट बदलने की मुहिम के खिलाफ नहीं है। लेकिन लोगों को आ रही समस्याओं का ध्यान व उनका निवारण करना भी सरकार का ही काम है। उन्होंने सभी बैंक अधिकारीयों व कर्मचारीयों से अपील करते हुए कहा कि वह इस बात को सुनिश्चित करें कि सीनियर सिटिजन व महिलाओं के लिए अलग से कतारें लगवाएं व नोट बदलने के मामले में उन्हें प्राथमिकता दी जाए।
आप नेताओं ने अन्य राजनीतिक पार्टियों व समाज से जुड़े लोगों को अपील करते हुए कहा कि उन्हें भी इस घड़ी में आगे आकर जनता के साथ खड़े होकर उनको पेश आ रही समस्याओं को दूर करने के लिए प्रयासरत रहें।