जिंदा गाड़ा या मार के दफनाया, राज 'खोपड़ी' खोलेगी या ये?
जमीन से निकला नरकंकाल निकला है। उसे बोरी के अंदर किसने डाला। जिंदा गाड़ा था या हत्या के बाद बोरी में डाल शव दफनाया गया था। देखिए, अनसुलझे सवाल।
जिंदा गाड़ा या मार के दफनाया, राज 'खोपड़ी' खोलेगी या ये?
मामला, हरियाणा में रोहतक के गांव बहुअकबरपुर में मिले नरकंकाल का है। जमीन में बाहर निकली 'खोपड़ी' से ये तो पता चल गया कि यहां बोरी में इंसान दफन है, लेकिन ये यहां तक कैसे पहुंचा और ये कौन है, ये अनसुलझा है। मौके पर मिले मोबाइल से इसका कोई सुराग मिलने की आस जिंदा है।
जिंदा गाड़ा या मार के दफनाया, राज 'खोपड़ी' खोलेगी या ये?
दरअसल, बहुअकबरपुर के पास हिसार बाईपास पर अचानक एक इंसानी खोपड़ी लोगों की नजर में आई थी। देखते ही लोगों पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर जांच की।
जिंदा गाड़ा या मार के दफनाया, राज 'खोपड़ी' खोलेगी या ये?
कंकाल एक बोरी में बंद मिला। आधा कंकाल बोरी में बंद था और जमीन में ही गड़ा हुआ था। दो दिनों तक बारिश के कारण रोड के पास बने नाले की मिट्टी बह गई। इससे कई माह से दबा कंकाल आधा बाहर आ गया। खोपड़ी किसी वजह से कंकाल से दूर तक चली गई।
जिंदा गाड़ा या मार के दफनाया, राज 'खोपड़ी' खोलेगी या ये?
बोरी में कंकाल के साथ कुछ सड़ी गली हालत में कपड़े भी मिले हैं। ये कपड़े सर्दी में पहने जाने वाले गर्म कपड़ों की तरह हैं। इससे अंदाजा लगाया गया है कि हत्या चार या पांच माह पहले की गई होगी। साथ मिली पेंट की जेब से एक लाल रंग का मोबाइल भी मिला है। इसे अहम सुराग माना जा रहा है।