गर्मी की छुट्टियों में पूरे परिवार संग घूमने जाने का प्लान है तो सावधान हो जाएं और इन सभी बातों का ध्यान रखें। आर्थिक और मानसिक नुकसान नहीं होगा।
जब भी घर को बंद करके जाएं तो अखबार पड़ोसी को उठाने की जिम्मेदारी सौंप दें। रिश्तेदारी या किसी समारोह में जाने से पहले अपने विश्वास वाले पड़ोसी को ही बताएं और ध्यान रखने को कहें। दूध वाले, सफाई वाले को आने-जाने का पूरा शेड्यूल न बताएं। मकान के दरवाजे, कुंडियां मजबूत लगवाएं, जाने से पहले सभी खिड़कियां और दरवाजे, अलमारी के लॉक चेक करके ही जाएं।
कमरे के बाहर सीसीटीवी कैमरा लगवाएं और उसे आप अपने स्मार्ट फोन से जोड़ सकते हैं। गहने और कैश को बैंक लॉकर में रखे, घर की तिजोरियों में उनकी सेफ्टी कम होती है। बता दें कि चोरों के निशाने पर अक्सर बंद घर होते हैं और शहर में इनकी संख्या बहुत ज्यादा है। गर्मी की छुट्टियां हो गई हैं और ऐसे में चोरियां बढ़ जाती हैं।
चंडीगढ़ सेक्टर-23 स्थित सभी सरकारी मकानों में चोरी की वारदात हर महीने होती है और कारण भी वही है बिना अलॉट हुए खाली या फिर बंद मकान। हाल यह है कि सरकारी कर्मचारी मकान पर ताला लगाकर अपने गांव और रिश्तेदारों के यहां परिवार समेत जाने से भी डरते हैं। लोगों का आरोप है कि 2-4 वारदात के बाद पुलिस गश्त और चेकिंग बढ़ा देती है, लेकिन कुछ समय बाद स्थिति पहले जैसी हो जाती है।
अमर उजाला टीम ने स्मार्ट सिटी में डरकर दिन गुजार रहे सरकारी कर्मचारियों के परिवारों से बातचीत की और उनकी समस्या जानी। सेक्टर-23ए में रहने वाले नरेश कुमार ने बताया कि करीब डेढ़ साल पहले उनके घर में चोरी हुई थी। वह परिवार समेत अपने ससुराल यमुनानगर गए थे। घर में हुई चोरी के बारे में पुलिस कोई सुराग नहीं लगा पाई। अब भविष्य में ऐसी कोई वारदात न हो इसके लिए उन्होंने विदेशी नस्ल का एक कुत्ता पाल लिया।